जांजगीर-चांपा। जिले के बलौदा थाना क्षेत्र में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए इसे हत्या का मामला बताया है। इस मामले में मृतिका के पति महेंद्र कुमार मिरी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। आरोपी ने अपनी पत्नी की हत्या कर इसे करंट लगने की दुर्घटना साबित करने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से साजिश का पर्दाफाश हो गया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी महेंद्र मिरी (पिता अनुज प्रसाद मिरी), निवासी वार्ड क्रमांक 09 बलौदा, ने अपनी पत्नी ललिता मिरी की मौत को करंट लगने की घटना बताकर थाना बलौदा में सूचना दी थी। इस पर पुलिस ने मर्ग कायम कर पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की। शुरुआत में मामला हादसा प्रतीत हो रहा था, लेकिन परिस्थितियों और तथ्यों ने पुलिस को संदेह की ओर मोड़ दिया।


नवविवाहिता की मौत को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप के मार्गदर्शन में मामले की गहन जांच की गई। जांच के दौरान मृतिका के परिजनों और आरोपी पति से विस्तृत पूछताछ की गई, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

पूछताछ में पता चला कि आरोपी का किसी अन्य महिला से अवैध संबंध होने का शक मृतिका को था, जिसे लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद और मारपीट होती थी। इसी विवाद के चलते 28-29 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात आरोपी ने अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या को छिपाने के लिए आरोपी ने एक सोची-समझी साजिश रची।

उसने शव को बाथरूम में ले जाकर इमर्शन रॉड के जरिए पानी गर्म किया और मृतिका के सिर व हाथ को पानी में डालकर करंट लगने जैसी स्थिति तैयार कर दी, ताकि मामला दुर्घटना लगे और पुलिस को गुमराह किया जा सके। हालांकि, पुलिस की सख्त पूछताछ और तकनीकी जांच के आगे आरोपी ज्यादा देर तक सच छिपा नहीं सका।

हिरासत में लेने के बाद उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) और 238 के तहत अपराध क्रमांक 185/2026 दर्ज कर उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया।

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