रायपुर। शासकीय राशि के गबन मामले में अभनपुर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 पूर्व सरपंचों के खिलाफ जेल वारंट जारी किया है। अभनपुर एसडीएम रवि सिंह द्वारा जारी आदेश में संबंधित पूर्व सरपंचों पर अपने कार्यकाल के दौरान शासकीय राशि में गड़बड़ी और गबन करने का आरोप लगाया गया है।

मामले में कुल 20 लाख 40 हजार 63 रुपये के गबन की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। इसके तहत केंद्रीय जेल रायपुर के अधीक्षक को भी पत्र भेजा गया है। जानकारी के अनुसार, जिन ग्राम पंचायतों के पूर्व सरपंचों के खिलाफ कार्रवाई की गई है उनमें गोतीयारडीह, कुर्रू, आलेखूंटा, खोल्हा, परसुलीडीह, पचेड़ा, चंपारण, धूसेरा, भोथीडीह, तोरला और धोठ पंचायत शामिल हैं।


प्रशासनिक जांच में इन पंचायतों में विकास कार्यों और शासकीय योजनाओं के लिए जारी राशि में अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी सामने आई थी। जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित पूर्व सरपंचों ने अपने कार्यकाल में पंचायत मद की राशि का नियमों के विपरीत उपयोग किया और कई मामलों में राशि का हिसाब प्रस्तुत नहीं किया गया।

दस्तावेजों और अभिलेखों के परीक्षण के बाद प्रशासन ने इसे शासकीय राशि का गबन मानते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की। अभनपुर एसडीएम रवि सिंह ने मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए संबंधित पूर्व सरपंचों के खिलाफ वारंट जारी करने के आदेश दिए हैं।

प्रशासन का कहना है कि पंचायत स्तर पर शासकीय राशि का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, जांच में कई पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर राशि निकाले जाने के बावजूद कार्य अधूरे पाए गए या जमीन पर उनका अस्तित्व ही नहीं मिला।

कुछ मामलों में निर्माण कार्यों के भुगतान से जुड़े दस्तावेजों में भी गड़बड़ी सामने आई है। प्रशासन ने इन सभी तथ्यों के आधार पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया। एसडीएम कार्यालय द्वारा जारी आदेश के बाद केंद्रीय जेल रायपुर के अधीक्षक को पत्र भेजा गया है, ताकि न्यायालयीन और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

माना जा रहा है कि संबंधित पूर्व सरपंचों को जल्द हिरासत में लिया जा सकता है। इस कार्रवाई के बाद पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय प्रशासनिक अमले में हड़कंप की स्थिति है। क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शासकीय राशि जनता के विकास और मूलभूत सुविधाओं के लिए जारी की जाती है।

यदि किसी जनप्रतिनिधि द्वारा राशि का दुरुपयोग किया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होना आवश्यक है। आने वाले समय में अन्य पंचायतों के वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है।

Share on

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *