कौन हैं अली लारीजानी? जिनकी रणनीति से ईरान पर US स्ट्राइक टली, खामेनेई सरकार को मिली बड़ी राहत...

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच एक नाम तेजी से सुर्खियों में है—अली लारीजानी। माना जा रहा है कि उनकी कूटनीति और सुरक्षा रणनीति के चलते अमेरिका चाहकर भी ईरान पर सैन्य हमला नहीं कर पाया। सऊदी अरब, कतर और ओमान की मध्यस्थता के बाद अमेरिका ने फिलहाल ईरान से बातचीत का रास्ता अपनाया है, जिसे अयातुल्लाह अली खामेनेई सरकार के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

क्यों चर्चा में हैं अली लारीजानी?

तेहरान से लेकर वॉशिंगटन तक जिस शख्सियत की चर्चा है, वह हैं ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख अली लारीजानी। अमेरिका ने हाल ही में उन पर प्रतिबंध लगाया, जिससे उनकी भूमिका और प्रभाव और स्पष्ट हो गया।

अली लारीजानी कौन हैं? (Ali Larijani Profile)

  • जन्म: 3 जून 1958

  • पृष्ठभूमि: प्रभावशाली शिया मुस्लिम परिवार

  • शिक्षा: डॉक्टरेट डिग्री धारक

  • वर्तमान पद: ईरान सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव (नियुक्ति: अगस्त 2025)

लारीजानी को मौजूदा राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का राजनीतिक विरोधी माना जाता है, लेकिन सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई के वे बेहद करीबी हैं।

IRGC से सत्ता के केंद्र तक का सफर

अली लारीजानी ने अपने करियर की शुरुआत इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से की।

  • 1994 में बने ईरान के सरकारी प्रसारक (IRIB) के प्रमुख

  • 2004 में खामेनेई के सलाहकार नियुक्त

  • 2005 में लड़ा राष्ट्रपति चुनाव, लेकिन जीत नहीं मिली

  • कट्टरपंथी खेमे के बड़े चेहरे माने जाते हैं

2024 के चुनाव में उन्हें अयोग्य घोषित किया गया, फिर भी सत्ता के गलियारों में उनका प्रभाव बना रहा।

लारीजानी की कूटनीति: कैसे टली US स्ट्राइक?

सुरक्षा परिषद का प्रमुख बनते ही लारीजानी ने क्षेत्रीय कूटनीति को तेज किया।

  • बीते 6 महीनों में सऊदी अरब से कम से कम 3 उच्चस्तरीय मुलाकातें

  • सितंबर 2025 में सऊदी क्राउन प्रिंस से अहम बातचीत

  • इराक, लेबनान और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों का दौरा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी, कतर और ओमान ने अमेरिका को समझाया कि ईरान पर हमला पूरे क्षेत्र को युद्ध में झोंक सकता है। इसके बाद अमेरिका ने स्ट्राइक पर ब्रेक लगाया।

ईरान में विरोध प्रदर्शन: लारीजानी खुद मैदान में

जब ईरान में विरोध प्रदर्शन हिंसक हुए, तो लारीजानी ने खुद मोर्चा संभाला—

  • सेना में 3 बड़े बदलाव

  • अहमद वाहिदी को डिप्टी कमांडर बनाया (अमेरिकी प्रतिबंधित नेता)

  • ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमिनिया को सेना प्रवक्ता नियुक्त किया

टीवी इंटरव्यू में लारीजानी ने विद्रोह को अमेरिका और इजराइल प्रायोजित बताया, जिसे ईरानी मीडिया ने व्यापक रूप से प्रचारित किया।

अमेरिका का बैन और व्हाइट हाउस की दुविधा

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर स्ट्राइक रोकने के आदेश के तुरंत बाद अमेरिका ने अली लारीजानी पर प्रतिबंध लगा दिया।
NBC की रिपोर्ट के अनुसार—

  • व्हाइट हाउस की सुरक्षा बैठक में कोई भी अधिकारी तख्तापलट की गारंटी नहीं दे सका

  • सेना ने चेताया कि निर्णायक हमला न होने पर युद्ध में फंसने का खतरा है

  • अमेरिकी सैनिक फिलहाल ईरान से जंग के लिए तैयार नहीं

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