ईरान में सत्ता के खिलाफ जारी देशव्यापी प्रदर्शनों के बीच तनाव और बढ़ गया है। ईरान में लगभग दो सप्ताह से जारी राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और दमन की कार्रवाई में अब तक 544लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले 16 दिनों से जारी हिंसक प्रदर्शन में अब तक 10 हजार 681 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों गिरफ्तार किया गया है। हिंसा में मरने वालों में 490 से ज्यादा प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षा बलों के जवान शामिल है। हालांकि, ईरान सरकार मरने वालों के आंकड़े जारी नहीं कर रही है। इस बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक और बड़ी चेतावनी दी है।
ईरान ने रेड लाइन क्रॉस कर दी है- ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ी धमकी दी है। ट्रंप ने कहा है कि हम ईरान पर हमले के लिए ऐसे टारगेट चुनेंगे जिसके बारे वो कभी सोच भी नहीं पाएंगे। ट्रंप ने कहा है कि ईरान ने रेड लाइन क्रॉस कर दी है और अब हमारी मिलिट्री इस बारे में विचार कर रही है और हम जल्द ठोस फैसला करेंगे।
‘हम ऐसा हमला करेंगे कि…’- ट्रंप
दरअसल, एक रिपोर्टर ने ट्रंप से पूछा कि ईरान का कहना है कि “वो सैनिक और कारोबारी ठिकानों को हमला बनाएगा अगर उस पर हमला किया गया तो”। इसके जवाब में ट्रंप ने कहा- “हम ऐसे टारगेट चुनेंगे जिस पर वो यकीन नहीं कर पाएंगे। अगर उन्होंने हमला किया तो हम ऐसा हमला करेंगे कि पहले नहीं हुआ होगा। मेरे पास बहुत मज़बूत विकल्प हैं। उन्हें बहुत ताकतवर फोर्स से जूझना पड़ेगा।”
ईरान में बुरे हालात
ईरान में इंटरनेट और फोन सेवाओं के बंद होने से शहर-शहर हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारी भीड़ सरकारी इमारतों में आग लगा रही है, गाड़ियों को फूंका जा रहा है, दुकानों, बाजारों में तोड़फोड़ हो रही है। इस वक्त ईरान के सभी 31 राज्यों के 186 शहरों में प्रदर्शन हो रहे है। देशभर में 585 जगहों पर लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर हैं। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका, ईरान को सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाली सरकार से आजादी दिलाने में मदद करने के लिए तैयार है।
ईरान के राष्ट्रपति ने क्या कहा?
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि उनकी सरकार लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए काम कर रही है। वहीं, हिंसक प्रदर्शनकारियों को लेकर मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि इनसे सख्ती से निपटा जाएगा। राष्ट्रपति मसूद ने आरोप लगाया कि यह अमेरिका और इजरायल की साजिश है।