वाशिंगटनः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अमेरिका की एक संघीय अपील अदालत ने फैसला सुनाया है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए अधिकांश टैरिफ कानून के मुताबिक नहीं हैं। अपील कोर्ट ने टैरिफ को अवैध करार दिया है। कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाया कि डोनाल्ड ट्रंप के ज़्यादातर नए टैरिफ़ अवैध हैं। अदालत ने अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की संघीय अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रपति द्वारा व्यापक टैरिफ़ को उचित ठहराने के लिए आर्थिक आपातकाल की घोषणा 1977 के एक कानून और अमेरिकी संविधान का उल्लंघन करती है।

सुप्रीम कोर्ट में फैसले को चुनौती दे सकते हैं ट्रंप

अदालत ने फैसला सुनाया कि राष्ट्रपति के पास स्टील और एल्युमीनियम आयात पर लगाए जाने वाले छोटे, क्षेत्रीय जैसे शुल्क लगाने का कानूनी अधिकार है, लेकिन उन्होंने अप्रैल में पहली बार घोषित किए गए आयातों पर वैश्विक शुल्कों के साथ अपनी शक्ति का अतिक्रमण कर लिया। माना जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन अपील कोर्ट के फैसले को अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दे सकता है।

ट्रैरिफ हटाने का फैसला विनाशकारी होगाः ट्रंप

वहीं, अपील कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने बयान जारी किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को पुष्टि की कि देशों पर लगाए गए सभी टैरिफ लागू रहेंगे। उन्होंने कोर्ट के फैसले को पक्षपातपूर्ण और गलत बताया। ट्रंप ने कहा कि सभी शुल्क अभी भी लागू हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि अत्यधिक पक्षपातपूर्ण तरीके से अदालत ने कहा है कि हमारे शुल्क हटा दिए जाने चाहिए, लेकिन वे जानते हैं कि अंत में संयुक्त राज्य अमेरिका की जीत होगी। ट्रंप ने कहा कि टैरिफ हटाने का फैसला देश के लिए पूरी तरह से विनाशकारी होगा। यह हमें आर्थिक रूप से कमजोर बना देगा।

कोर्ट बोली- टैरिफ लगाने के लिए अधिकृत नहीं ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी एक संघीय अपील अदालत के फैसले के बाद आई है कि अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम किसी राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने के लिए अधिकृत नहीं करता है, जैसे कि ट्रंप ने इस साल की शुरुआत में कानून का इस्तेमाल किया था। न्यायाधीशों ने कहा कि ट्रंप के अभूतपूर्व टैरिफ उनकी शक्ति का अतिक्रमण हैं क्योंकि टैक्स लगाने की क्षमता, टैरिफ सहित एक मुख्य कांग्रेसीय शक्ति है।

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