
रायपुर / सांस्कृतिक परंपरा में कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व है. इसे प्रदेश में पुन्नी स्नान कहते हैं. इसी परंपरा के निर्वहन के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सोमवार तड़के रायपुर में खारुन नदी के तट पर पहुंचे और महादेव घाट पर स्नान किया. साथ ही गुलाटी मारकर डुबकी लगाई. इसके बाद दीपदान कर प्रदेशवासियों को बधाई दी और खुशहाली व सुख समृद्धि की कामना की.
माघी पुन्नी पर बुधवार को आस्था का मेला लगा. ये मेला 27 नवंबर से 29 नवंबर तक 3 दिनों तक चलेगा. खारुन नदी के महादेवघाट में जहां एक तरफ लोग पुण्य की डुबकी लगा रहे थे. वहीं दूसरी तरफ सफाई अभियान भी नगर निगम का जारी रहा. धार्मिक घाट पर पहले जैसा मेला का माहौल नहीं रहा. लेकिन लोग पुण्य स्नान कर सूर्य को अघ्र्य अर्पित किए और प्राचीन हटकेश्वरनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और कोरोना से मुक्ति की याचना की.

महादेवघाट में प्राचीन शिव मंदिर के आसपास की दुकानों में अच्छी खासी चहल-पहल सुबह से होने लगी थी. राजधानी के कई जगहों के अलावा आसपास के गांवों से भी विशेष तिथि की मान्यता को देखते हुए महादेवघाट में पुण्य स्नान करने पहुंचे साथ ही नाव में बैठकर जलक्रीड़ा का भी आनंद लिया. इस दौरान महादेवघाट पर दर्जनभर नाविक तैनात थे.
शाम को आरती की गई: शाम के समय मछुआरा मत्स्य समाज की ओर से महादेवघाट में महाआरती की गई. जिसमें कई लोग शामिल हुए. इससे पहले दोपहर बाद तक पुण्य की डुबकी लगाने के लिए लोग पहुंचते रहे. हर साल की तरह अवाम-ए-हिंद संस्था ने जरूरतमंदों को भोजन कराया. डीकेएस अस्पताल परिसर में संस्थापक मोहम्मद सज्जाद खान के नेतृत्व में मरीजों और उनके परिजनों को भोजन, फल का वितरण किया.
नवापारा-राजिम : सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजिम त्रिवेणी संगम में तड़के सुबह श्रद्धालुओं ने पुण्य स्नान किया. स्नान पश्चात श्रद्धालुओं ने दीप दान कर रेत से शिवलिंग बनाकर पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की. वही दोपहर बाद लोगों ने पिकनिक का भरपूर आनंद लिया.
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर कुलेश्वर मंदिर और भगवान श्री राजीव लोचन, मामा-भांजा, लोमश ऋषि आश्रम में स्थित महादेव के दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुचे. वही दोपहर बाद नदी में लगने वाले नदिया मड़ई में जनसैलाब उमड़ पड़ा. संगम के बीच बने लक्ष्मण झूला मे दिनभर लोगों का तांता लगा रहा.
लोमश ऋषि आश्रम एवं आसपास के क्षेत्रों मे लोग परिवार, मित्रों के साथ विभिन्न प्रकार के पकवानों का आनंद लिया. इस दौरान कई समूहों द्वारा आवले पेड़ के पास पकवान बनाने के बाद आंवले के पेड़ की पूजा अर्चना की और प्रसाद ग्रहण किया. मड़ई मेला घूमने, पिकनिक का आनंद लेने व दर्शन के लिए देर शाम तक भक्तों का मंदिर पहुंचने का सिलसिला जारी रहा. कार्तिक पूर्णिमा का यह दृश्य दशकों पहले लगते चले आ रहे माघी पुन्नी मेले की भांति नजर आ रहा था.
इस अवसर पर अवसर पर नदिया मड़ई में राजिम और नवापारा शहर के अलावा तीनों जिले गरियाबंद, धमतरी और रायपुर जिले के आसपास के कई गांवो के लोग यहां आए हुए थे. मड़ई मेला के चलते नदी के भीतर सुखी रेत में तरह-तरह की दुकाने जैसे फैंसी, पूजा पाठ के सामान, गन्ना की दुकान, उखरा, खिलौने, कपड़े, नस्ता ठेला सहित अन्य छत्तीसगढ़ी व्यंजन से सराबोर दुकाने सजी हुई थी. जिसका लोगों ने खूब लुत्फ़ उठाया.
शाम को नगर के यादव समाज व राजीव लोचन मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में धूमधाम से मड़ई लेकर निकले और नाचते-गाते यादव बंधुओं ने कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की.
राजनांदगांव : कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर राजनांदगांव शहर के मोहारा स्थित शिवनाथ नदी में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई और दीपदान कर परिवार में सुख समृद्धि की कामना की. इस दौरान शिवनाथ नदी के तट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा हजारों की तादाद में लोग तड़के पुण्य स्नान करने पहुंचे.
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर शिवनाथ नदी में आस्था की डुबकी लगाकर श्रद्धालुओं ने दीपदान किया. कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर शिवनाथ नदी के तट में मोहरा मेले का तीन दिवसीय आयोजन भी किया जाता है. इस मेले की ख्याति राजनांदगांव सहित आसपास जिले में भी है और बड़ी तादाद में लोग मोहरा मेले में शामिल होने पहुंचते हैं.
सक्ती : सक्ती जिले के प्रसिद्ध धर्मिक स्थल तुर्रीधाम में 27 नवंबर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर देव दीपावली का भव्य आयोजन किया गया. कार्यक्रम में हजारों धर्म प्रेमियों की उपस्थिति में हजारों की संख्या में दीप प्रज्जवलित कर मंगल कामना की गयी. इस अवसर पर मंदिर के समीप से बह रहे नदी में गंगा आरती भी किया गया. सक्ती क्षेत्र में इस तरह का आयोजन साल 2022 में पहली बार की गयी थी. जहां महाकाल के भक्तों ने इसे भव्य रूप दिया था.
सक्ती नगर के कांग्रेस नेता श्याम सुंदर अग्रवाल और विधायक प्रतिनिधि आनंद अग्रवाल, श्रीकृष्ण अग्रवाल, संजय अग्रवाल, राहुल अग्रवाल आदि ने बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं के साथ पहुंचकर विधि विधान से पूजा अर्चना कर क्षेत्र की खुशहाली के लिए मंगल कामना किये.
