
बलौदाबाजार जिले के पलारी थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सर्दी-खांसी के इलाज के लिए क्लिनिक पहुंची 4 माह की गर्भवती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आरोप है कि इंजेक्शन लगने के बाद महिला की हालत बिगड़ी और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
क्या है पूरा मामला?
घटना ग्राम छेरकाडीह जारा की बताई जा रही है।
22 वर्षीय इंदु साहू (पति अजय साहू) को सर्दी-खांसी की शिकायत थी। परिजन उसे गांव के ही कथित डॉक्टर जयंत साहू के क्लिनिक लेकर गए।

परिजनों के अनुसार, उपचार के दौरान इंजेक्शन लगाए जाने के बाद महिला को उल्टियां होने लगीं और वह अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। तुरंत उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पलारी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे ‘ब्रॉट डेड’ घोषित कर दिया।


बिना डिग्री 17 साल से कर रहा था इलाज
आरोपी जयंत साहू ने स्वीकार किया है कि उसके पास चिकित्सा की कोई वैध डिग्री नहीं है, फिर भी वह करीब 17 वर्षों से इलाज कर रहा था।
यह तथ्य सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश और चिंता दोनों बढ़ गई हैं। सवाल उठ रहा है कि बिना लाइसेंस और डिग्री के क्लिनिक कैसे संचालित हो रहा था?
संदिग्ध परिस्थितियां और मेडिकल सवाल
सूत्रों के मुताबिक, महिला के नाक से झाग और खून निकल रहा था, जिससे गलत दवा या रिएक्शन की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पोस्टमार्टम न होने के कारण मौत की असली वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
बिना पोस्टमार्टम हुआ अंतिम संस्कार
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
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अस्पताल प्रशासन के अनुसार, शव दोपहर में लाया गया था।
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परिजन शाम तक अस्पताल में रहे और लिखित आवेदन देकर शव ले गए।
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उसी रात अंतिम संस्कार कर दिया गया।
अब सवाल यह उठ रहा है कि इतनी गंभीर और संदिग्ध परिस्थिति में पुलिस ने स्वतः संज्ञान क्यों नहीं लिया?
ग्रामीणों में दहशत, खुलकर बोलने से परहेज
ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि इंजेक्शन के तुरंत बाद महिला की हालत बिगड़ी थी। लेकिन कथित डॉक्टर के प्रभाव या अन्य कारणों से कोई भी खुलकर सामने आने को तैयार नहीं है।
इस घटना ने एक परिवार को तोड़ दिया है। ढाई साल का मासूम बच्चा अब अपनी मां के साये से वंचित हो गया है।
