मॉस्को से बड़ी अपडेट
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत यात्रा से पहले यूक्रेन युद्ध पर एक बड़ा और तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के नेतृत्व में चल रही शांति पहल को यूरोपीय देश ही कमजोर कर रहे हैं। उनके मुताबिक यूरोपीय सहयोगी शांति नहीं, बल्कि जंग को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
पुतिन का आरोप– ‘यूरोपीय देश शांति नहीं, युद्ध चाहते हैं’
पुतिन ने कहा कि यूक्रेन के यूरोपीय पार्टनर शांति वार्ता में ऐसे प्रस्ताव शामिल करना चाहते हैं जिन्हें रूस कभी स्वीकार नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे ये देश युद्ध को खत्म होने ही नहीं देना चाहते।
यह बयान तब आया है जब अमेरिकी राजदूत स्टीव विटकॉफ और डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए मॉस्को पहुंचे हुए हैं।
‘रूस पर दोष डालने की कोशिश’ – पुतिन
पुतिन ने आरोप लगाया कि यूरोपीय देश ऐसे प्रस्ताव आगे बढ़ा रहे हैं जिनका उद्देश्य रूस को दोषी ठहराना है। उन्होंने कहा कि शांति प्रस्ताव में ऐसे शर्तें जोड़ी जा रही हैं जो जंग जारी रखने का बहाना मात्र लग रही हैं।
‘हम यूरोप पर हमला नहीं करेंगे’ – पुतिन
पुतिन ने यह भी साफ कर दिया कि रूस का यूरोप पर युद्ध शुरू करने का कोई इरादा नहीं है।
उन्होंने कहा:
“हम यूरोप से लड़ने की योजना नहीं बना रहे, लेकिन अगर यूरोप युद्ध चाहता है और शुरू करता है, तो रूस पूरी तरह तैयार है।”
उनके अनुसार यूरोपीय देशों की “रूस हमला करेगा” जैसी चिंताएँ बेबुनियाद हैं।
अमेरिका कर रहा मध्यस्थता, जेलेंस्की ने दिखाई सकारात्मकता
अमेरिका लगातार रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए कोशिशें कर रहा है।
शांति प्रस्ताव के संशोधित ड्राफ्ट पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि नया मसौदा पहले की तुलना में अधिक संतुलित लग रहा है।
पहले वाले मसौदे की आलोचना की जा रही थी कि वह “मॉस्को-फेवरिंग” है।