ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन हिंसक हो चुके हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में गोलीबारी और आगजनी सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक, ईरान में जारी प्रदर्शनों में अब तक करीब 600 लोगों की मौत हो चुकी है। दूसरी ओर ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भी तेहरान की सड़कों पर भीड़ उतर आई है।
हजारों की तादाद में सरकार समर्थक प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच अब अमेरिका ने ईरान में अपने नागरिकों को अभी के अभी देश छोड़ने की सलाह दी है। अमेरिका ने नागरिकों से आर्मेनिया या तुर्की के रास्ते ईरान छोड़ने को कहा है।
फौरन ईरान छोड़ने की सलाह
ईरान के साथ बातचीत के संकेतों के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों को फौरन ईरान छोड़ने की सलाह दी है। ईरान में अमेरिका के वर्चुअल दूतावास की तरफ से जारी एडवाइज़री में कहा गया है कि “ईरान भर में विरोध प्रदर्शन बढ़ रहे हैं और हिंसक रूप ले सकते हैं। सड़कें बंद कर दी गई हैं, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और इंटरनेट बैन कर दिया है।
एयरलाइंस ईरान से आने-जाने वाली उड़ानें रद्द की जा रही हैं। अमेरिकी नागरिकों को इंटरनेट की परेशानी लिए तैयार रहना चाहिए। संचार के वैकल्पिक साधनों की योजना बनानी चाहिए। साथ ही ईरान से सड़क के रास्ते आर्मेनिया या तुर्की जाने की तैयारी करनी चाहिए।”
ट्रंप ईरान पर हमले का ऑर्डर देने के लिए तैयार
अमेरिकी मीडिया के हवाले से ये है कि अमेरिका अब ईरान के बाचतीच के प्रस्ताव में शामिल होने पर विचार कर रहा है। वहीं, दूसरी खबर ये है कि राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर नए हमले का ऑर्डर देने के लिए तैयार बैठे हैं। इस बीच इज़रायल की मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट ईरानी एयरस्पेस के पास उड़ान भरते हुए देखे गये हैं।
इनमें हवा में ईंधन भरने वाले जहाजों के साथ साथ बी-52 बॉम्बर्स भी शामिल हैं। इन एयरक्राफ्ट्स ने कतर बेस से उड़ान भरी है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ने फिर कहा है कि उन्हें ईरान की तरफ से बातचीत का संदेश मिला है। साथ ही ट्रंप सभी संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं।
ट्रंप ने फिर चलाया टैरिफ का हथियार
इस बीच अमेरिका ने ईरान पर शिकंजा कसते हुए नया ऐलान किया है। अमेरिका ने उन सभी देशों पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है जो ईरान के साथ किसी भी तरह का व्यापार कर रहे हैं।
व्हाइट हाउस के सोशल माडिया हेंडल पर कहा गया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश को संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ किए जाने वाले सभी प्रकार के व्यापार पर 25% का टैरिफ देना होगा। यह आदेश अंतिम और जरूरी है।