जापान में सकुराजिमा ज्वालामुखी का भीषण विस्फोट
जापान के दक्षिण-पश्चिमी क्यूशू क्षेत्र में स्थित सकुराजिमा ज्वालामुखी में 16 नवंबर 2025 की सुबह जोरदार विस्फोट हुआ। इस विस्फोट के बाद राख और धुएं का विशाल स्तंभ 4,400 मीटर (लगभग 14,400 फीट) की ऊंचाई तक पहुंच गया, जिसने आसपास के इलाकों में खतरा बढ़ा दिया।
राख का घना बादल मिनामिडाके क्रेटर से निकलकर कागोशिमा, कुमामोटो और मियाज़ाकी के कई हिस्सों तक फैल गया, जिसके चलते अधिकारियों ने राख गिरने की चेतावनी जारी की है।
विस्फोट का समय और तीव्रता – 13 महीने में सबसे बड़ा धमाका
स्थानीय समयानुसार पहला बड़ा विस्फोट 12:57 बजे, और दूसरा तीव्र धमाका 2:28 बजे हुआ। दूसरे विस्फोट से लगभग 3,700 मीटर ऊंची धुएं की लहर उठी।
यह पिछले 13 महीनों में पहला मौका है जब राख का गुबार 4 किलोमीटर से ऊपर पहुंचा है।
विस्फोट की शक्ति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ज्वालामुखीय चट्टानें 1.2 किलोमीटर दूर तक उछल गईं।
हालांकि राहत की बात यह है कि—
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किसी के हताहत होने की सूचना नहीं
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पाइरोक्लास्टिक फ्लो (तेज़ गर्म गैस और चट्टानों की धारा) रिपोर्ट नहीं हुई
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने जारी किया अलर्ट
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने ज्वालामुखी का अलर्ट स्तर 5 में से 3 पर बनाए रखा है और लोगों को सचेत किया है कि वे क्रेटर से सटे प्रतिबंधित इलाकों में न जाएं।
सकुराजिमा जापान के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है और अक्सर छोटे-बड़े विस्फोट होते रहते हैं, लेकिन इस बार का धमाका काफी तेज माना जा रहा है।
उड़ानें रद्द, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
राख के घने बादलों के कारण कागोशिमा एयरपोर्ट पर कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
स्थानीय निवासियों को सलाह दी गई है कि—
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राख गिरने से बचाव के लिए मास्क और आंखों की सुरक्षा का उपयोग करें
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अनावश्यक यात्रा न करें
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आधिकारिक घोषणाओं और चेतावनियों पर नजर रखें
अधिकारियों का कहना है कि सकुराजिमा अभी भी सक्रिय है और आने वाले दिनों में नए विस्फोटों की संभावना बनी हुई है।