International Conflict: ट्रंप की मध्यस्थता से हुआ सीजफायर फेल – थाईलैंड ने कंबोडिया बॉर्डर पर की एयरस्ट्राइक, सीमा विवाद फिर भड़का

बैंकॉक। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई अंतरराष्ट्रीय विवादों को रोकने का दावा किया था, जिनमें थाईलैंड–कंबोडिया संघर्ष भी शामिल है। लेकिन नवंबर में हुए सीजफायर समझौते के बावजूद दोनों देशों के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है।
थाईलैंड ने कंबोडिया से सटी सीमा के इलाके में एयरस्ट्राइक की, जिसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर पहले हमला करने का आरोप लगाया।

जुलाई में भी हुई थी भीषण लड़ाई (July 2025 Border Clash Recap)

सूत्रों के अनुसार,

  • जुलाई में 5 दिनों तक दोनों देशों के बीच युद्ध चला था।

  • इस संघर्ष में दर्जनों सैनिकों और नागरिकों की मौत हुई थी।

थाई सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल विंथाई सुवारी ने आरोप लगाया कि कंबोडियाई सैनिकों ने पहले सीमा पर गोलीबारी की, जिसमें एक थाई सैनिक की मौत और चार घायल हुए।
थाईलैंड ने जवाब में कंबोडिया के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमला किया।

कंबोडिया का आरोप – थाईलैंड ने पहले हमला किया

कंबोडियाई रक्षा मंत्रालय की प्रवक्ता माली सोचियाता के मुताबिक:

  • थाई सेना ने पहले हमला किया,

  • कंबोडिया ने शुरुआती झड़प में जवाबी कार्रवाई नहीं की,

  • और थाईलैंड से सभी “शत्रुतापूर्ण गतिविधियां” रोकने की अपील की।

विवाद की जड़ क्या है? (What Is the Root of Thailand–Cambodia Dispute?)

दोनों देशों के बीच तनाव 800 किलोमीटर लंबी सीमा को लेकर है। यह विवाद दशकों पुराना है।

मुख्य कारण:

  • 1904–1907 फ्रांसो–सियामी संधि के बाद खींची गई सीमा रेखा

  • फ्रांस ने बॉर्डर प्राकृतिक जल विभाजक रेखा पर आधारित खींचा

  • थाईलैंड ने इस नक्शे को बाद में मानने से इंकार कर दिया

प्रेह विहार मंदिर विवाद (Preah Vihear Temple Dispute):

  • 1962 में ICJ ने प्रेह विहार मंदिर कंबोडिया को सौंपा

  • थाईलैंड ने आसपास के इलाके पर दावा बरकरार रखा

  • 2008 में यूनेस्को द्वारा मंदिर को विश्व धरोहर स्थल घोषित करने के बाद बड़ी झड़पें हुईं

2025 में मई से जुलाई के बीच भी संघर्ष बढ़ा, जिसके बाद ट्रंप की पहल पर सीजफायर हुआ था, लेकिन यह समझौता ज्यादा समय नहीं चला

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