
अमेरिका के जवाबी टैरिफ पर भारत की प्रतिक्रिया
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए पारस्परिक टैरिफ (Reciprocal Tariffs) पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ‘अगर ट्रंप के लिए अमेरिका फर्स्ट है, तो पीएम मोदी के लिए भी इंडिया फर्स्ट है।’
मंत्री ने कहा कि भारत सरकार इन टैरिफ्स के प्रभावों का विश्लेषण कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता देश की आर्थिक सुरक्षा और व्यापारिक हितों की रक्षा करना है।

अमेरिका ने लगाए भारी टैरिफ, भारत पर 26% शुल्क
👉 डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने वैश्विक स्तर पर नए टैरिफ लगाए हैं, जिनसे 100 देश प्रभावित होंगे।
👉 इनमें से 60 देशों को अधिक आयात शुल्क का सामना करना पड़ेगा।
👉 भारत पर 26% तक शुल्क लगाया गया है, जबकि ब्रिटेन को 10% और यूरोपीय संघ को 20% टैरिफ झेलना होगा।
👉 व्हाइट हाउस ने कुछ देशों को सबसे खराब अपराधी (Worst Offenders) के रूप में चिह्नित किया है, जिन पर अधिक शुल्क लगाए गए हैं।
भारत पर टैरिफ का संभावित असर
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका के इस फैसले से भारत के कई प्रमुख क्षेत्रों को झटका लग सकता है, जिनमें शामिल हैं:
✅ कृषि उत्पाद
✅ बहुमूल्य पत्थर और आभूषण (जैसे हीरा और सोना)
✅ रसायन और औषधि उद्योग
✅ चिकित्सा उपकरण और मशीनरी
✅ इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर
टैरिफ अंतर कितना है?
🔹 रसायन और औषधि उद्योग – 8.6%
🔹 प्लास्टिक उत्पाद – 5.6%
🔹 वस्त्र और परिधान – 1.4%
🔹 हीरे, सोना और आभूषण – 13.3%
🔹 लोहे और इस्पात उद्योग – 2.5%
🔹 मशीनरी और कंप्यूटर – 5.3%
🔹 इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर – 7.2%
🔹 वाहन और ऑटोमोबाइल कंपोनेंट – 23.1%
वाणिज्य मंत्रालय कर रहा है समीक्षा
भारत सरकार इन टैरिफ्स के प्रभाव का गहराई से अध्ययन कर रही है। वाणिज्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार:
🔸 अमेरिका में 5 अप्रैल से 10% और 10 अप्रैल से 16% अतिरिक्त शुल्क लागू होंगे।
🔸 यदि भारत अमेरिका की चिंताओं को हल करता है, तो टैरिफ में राहत मिलने की संभावना हो सकती है।
🔸 भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर चर्चा जारी है, जिसे सितंबर-अक्टूबर 2025 तक अंतिम रूप दिया जा सकता है।
क्या कहता है भारत सरकार का रुख?
वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि भारत अपने व्यापारिक हितों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाएगा।
🔹 सरकार रणनीतिक उपायों पर काम कर रही है ताकि भारतीय उद्योगों पर इसका कम से कम असर पड़े।
🔹 टैरिफ का मूल्यांकन किया जा रहा है ताकि अमेरिका से वार्ता में सही रणनीति अपनाई जा सके।
