गाज़ा: इज़रायली सेना (IDF) ने रफ़ाह क्षेत्र में हमास का अब तक का सबसे बड़ा और जटिल भूमिगत टनल नेटवर्क बेनक़ाब किया है। यह टनल 7 किलोमीटर से अधिक लंबा, लगभग 25 मीटर गहरा और इसमें 80 से अधिक छिपने की जगहें हैं। यही वह सुरंग है जिसमें 2014 के युद्ध के दौरान अपहरण कर लाए गए इज़रायली अधिकारी लेफ़्टिनेंट हैदर गोल्डिन को रखा गया था।
IDF के अनुसार, यह टनल रफ़ाह के घनी आबादी वाले इलाक़े के ठीक नीचे से गुज़रती है और इसमें शामिल हैं हमास के वरिष्ठ कमांडर इस टनल का इस्तेमाल हथियारों का भंडारण करने, हमलों की योजना बनाने और लंबे समय तक छिपने के लिए करते थे। सेना ने बताया कि टनल में बिजली, वेंटिलेशन और संचार व्यवस्था भी पूरी तरह विकसित थी।लेफ़्टिनेंट हैदर गोल्डिन को 1 अगस्त 2014 को रफ़ाह में हमास ने अगवा कर लिया था। बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया, लेकिन उनका शव आज तक वापस नहीं मिला। IDF का दावा है कि नया खोजा गया यह टनल नेटवर्क उसी घटना से जुड़ा हुआ है और गोल्डिन को यहीं कैद रखा गया था।
इज़रायली सेना ने टनल के अंदर से भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और हमास के दस्तावेज़ बरामद किए हैं। UNRWA परिसर के नीचे से गुज़रने वाले हिस्से ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।IDF प्रवक्ता ने कहा, “हमास जानबूझकर नागरिक और मानवीय ढांचे का इस्तेमाल मानव ढाल के रूप में कर रहा है। यह टनल इसका सबसे बड़ा सबूत है।”यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब गाज़ा में संघर्ष फिर से भड़कने की आशंकाएँ बढ़ रही हैं।