Donald Trump on Xi Jinping: अमेरिकी राजनीति में फिर से छाए ट्रंप, बोले कुछ ऐसा कि मचा हड़कंप....

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) से मुलाकात का जिक्र करते हुए कुछ ऐसा कहा जिसने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक हलकों तक हलचल मचा दी।

ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात (Trump-Xi Jinping Meeting)

हाल ही में दक्षिण कोरिया के बुसान (Busan) में डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई थी। यह मुलाकात अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद चर्चित रही। ट्रंप ने इसे “सफल बैठक” बताया, लेकिन उनके बाद के बयान ने सभी को हैरान कर दिया।

व्हाइट हाउस में रिपब्लिकन नेताओं के साथ बैठक (Meeting with Republican Senators)

व्हाइट हाउस में आयोजित बैठक के दौरान ट्रंप ने शी जिनपिंग के साथ हुई अपनी बातचीत को याद किया। उन्होंने कहा कि जिनपिंग के साथ आए चीनी अधिकारियों में उन्होंने “इतना डर” पहले कभी नहीं देखा।

ट्रंप ने कहा,

“मैंने अपने जीवन में इतने डरे हुए लोगों को कभी नहीं देखा। मैंने उनसे सवाल पूछा, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। राष्ट्रपति शी ने उन्हें जवाब देने नहीं दिया।”

‘मुझे भी चाहिए डरपोक मंत्रियों की कैबिनेट’ (Trump’s Remark on His Own Cabinet)

ट्रंप ने मजाकिया लहजे में कहा कि वह चाहते हैं कि उनकी कैबिनेट भी शी जिनपिंग की तरह ‘अनुशासित और डरपोक’ हो।
उन्होंने बैठक में मौजूद अपने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) की ओर देखते हुए कहा –

“आप इस तरह से व्यवहार क्यों नहीं करते?”

ट्रंप का यह बयान सुनकर बैठक में मौजूद लोग मुस्कुरा उठे, लेकिन सोशल मीडिया पर उनके इस कथन को लेकर बहस छिड़ गई।

जिनपिंग ने ट्रंप के दावे को किया खारिज (Xi Jinping Rejects Trump’s Claim)

ट्रंप ने दावा किया था कि चीन कंबोडिया और थाईलैंड के बीच शांति वार्ता में शामिल नहीं है। लेकिन शी जिनपिंग ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि चीन “एशियाई स्थिरता” के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बयानबाजी का नया दौर (Impact on Global Politics)

ट्रंप के इस बयान ने अमेरिका और चीन के रिश्तों पर नई बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर ट्रंप इसे “मजाकिया टिप्पणी” बता रहे हैं, वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयान कूटनीतिक रिश्तों को प्रभावित कर सकते हैं।

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