शराब स्वास्थ्य के लिए हानीकारक है, फिर भी लोग शराब का सेवन करते हैं. पर क्या आपने कभी सोचा है कि क्या सिर्फ इंसान ही शराब पीते हैं या फिर जानवर भी पी सकते हैं? शराब से हमारा मतलब वो प्रोसेस की गई ड्रिंक नहीं है जो आपको बोतलों में बंद मिलती है. बल्कि हम यहां प्राकृतिक रूप से मिलने वाली शराब की बात कर रहे हैं. वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक शोध किया, जिससे उन्हें जानवरों में शराब पीने की आदत को लेकर एक बड़ी बात का पता चला है.
डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार वैज्ञानिकों ने एक शोध की है, जिसमें पाया कि अफ्रीका के चिंपांजी शराब पीते हैं. वैज्ञानिकों ने जंगली चिंपांजियों के यूरिन सैंपल को टेस्ट किया है जिससे उन्होंने पाया कि 20 में से 17 चिंपांजी में अल्कोहल पाया गया है. ये अल्कोहल फर्मेंट किए फल से मिलता है जिसे चिंपांजी खाते हैं. रिपोर्ट के अनुसार युगांडा के चिंपांजियों में ब्रीदएनालाइजर का प्रयोग नहीं किया जा सकता, इस वजह से शोधकर्ताओं ने उनकी पेशाब के सैंपल को जुटाया और उससे पता लगाया.
यूनिवर्सिटी के छात्रों ने किया शोध
पिछले साल यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के डॉक्टोरल छात्र एलेक्से मारो और प्रोफेसर रॉबर्ट डडली ने बताया कि चिंपांजी जो फल खाते हैं, उनमें प्राकृतिक रूप से अल्कोहल होता है जो फर्मेंटेशन की वजह से पाया जाता है. वैज्ञानिकों ने अंदाजा लगाया कि चिंपांजी एक दिन में 14 ग्राम अल्कोहल का सेवन कर सकते हैं. इंसानों के मामले में करीब 2 ग्लास वाइन.
शोध से पता चली चौंकाने वाली बात
यूरिन का सैंपल कलेक्ट करने के लिए मारो ने एक युगांडा के ग्रैजुएट छात्र, शरीफा नामागंदा के साथ इस प्रोजेक्ट पर काम किया था. उन्होंने प्लास्टिक बैग में फंसे फोर्क स्टिक की मदद ली और चुपके से यूरिन के सैंपल को जमा किया. उन्होंने जंगल की जमीन पर किसी गड्ढे आदि में गिरी पेशाब को भी जुटाया. उन्होंने युगांडा के किबाले नेशनल पार्क में अपनी 11 दिनों की यात्रा के दौरान इतनी पेशाब जमा कर ली, जिससे वो अपने ड्रंकेन मंकी हाइपोथिसेस के विचार को सार्थक कर पाएं.
इस थ्योरी के अनुसार कई जानवर, चिंपांजी समेत, प्राकृतिक रूप से अल्कोहल का सेवन फलों के जरिए करते हैं और ऐसे फलों को खोजते भी हैं, जिससे अल्कोहल मिल सके, यानी उन्हें भी अल्कोहल की तलब होती है. बायोलॉजी लेटर्स नाम के जर्नल में छपी इस स्टडी में बताया गया कि अधिकतर युरिन सैंपल में एथाल ग्लूकोरोनाइड मिला है. शोध से ये भी पता चला है कि नर चिंपांजियों में ज्यादा अल्कोहल मिला है, वहीं मादा और बच्चे चिंपांजी में कम या फिर ना के बराबर मिला है.