
CG Crime: रायपुर-महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद में एलपीजी गैस चोरी मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को धर-दबोचा है। आरोपियों ने 1.5 करोड़ की एलपीजी गैस का बंदरबाट किया था। पकड़े गए आरोपियों में जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव, सहायक खाद्य अधिकारी मनीष यादव और गौरव गैस एंजेसी के संचालक पंकज चंद्राकर शामिल है। पंकज चंद्राकर पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर का रिश्तेदार है। वहीं, इस मामले में अभनुपर स्थित ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स का मालिक संतोष ठाकुर और सार्थक ठाकुर फरार है, जिनकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है।
जानिए पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, 2025 में महासमुंद जिले के सिंघोड़ा थाना पुलिस ने गैस चोरी की नियत से 90 मीट्रिक टन एलपीजी गैस से भरे छह कैप्सूल ट्रकों को पकड़ा गया था। जब गैस वाहन में सवार लोगों से दस्तावेजों के बारे में पूछताछ की गई तो उन्होंने कोई भी वैद्य दस्तावेज पेश नहीं किया, जिसके बाद वाहनों को सिंघोड़ा थाने में ही रखा गया था।

चूंकि वाहनों में गैस भरा हुआ था, जिसकी वजह से थाने में रखना उचित नहीं था। पुलिस ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन को पत्र लिखकर गैस से भरे वाहनों को सुरक्षित स्थान पर रखने की अनुमति मांगी थी।


प्रशासन के निर्देशों पर मार्च 2026 में गैस से भरे वाहनों को अभनपुर स्थित ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के हवाले कर दिया गया। जांच में सामने आया कि ट्रकों को जब प्लांट तक पहुंचाया गया तो कहीं पर भी वजन नहीं कराया गया था।
आठ दिनों तक ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स प्लांट में गैस को बुलेट टैंकों और निजी टैंकरों में खाली किया गया था। इसी दौरान खाद्य अधिकारियों की मदद से आरोपियों ने गैस को अलग-अलग एजेंसियों को बिना बिल के गैस सप्लाई कर दिया।
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि जब्त गैस में से कई टन गैस गायब थे। जांच में यह भी सामने आया कि इतनी बड़ी मात्रा में गैस का प्राकृतिक रूप से लीकेज होना भी संभव नहीं था तो आखिर गैस गई तो कहां गई।
पुलिस ने जाचं की तो पता चला कि गैस को चोरी किया गया। दस्तावेजों की जांच में भी यह गड़बड़ी सामने आई। दस्तावेजों के रिकाॅर्ड के मुताबिक, ठाकुर कंपनी ने अप्रैल में केवल 47 टन गैस खरीदी थी, लेकिन बिक्री 107 टन दिखाई गई। मतलब की 60 टन गैस ज्यादा बेची गई थी। साथ ही बेची गई गैस का कोई रिकाॅर्ड भी दर्ज नहीं था।
मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों में दो खाद्य अधिकारी और गौरव गैस एजेंसी के संचालक पंकज चंद्राकर शामिल है। पुलिस की टीम ने मौके से सात एलपीजी टैंकर, चार बड़े बुलेट टैंक, 100 गैस सिलंेडर, कंम्यूटर और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए।
