115 घरों में रहते हैं 1200 लोग, न पुलिस है न ही कोई कानून, कैसे कटती है लाइफ?

कोलंबिया का सांता क्रूज डेल इस्लाट (santa cruz del islote) एक ऐसी रहस्यमयी जगह है, जहां घरों के ऊपर घर बने हैं और गलियों में पांव धरने की जगह नहीं है. बिना किसी सुरक्षा बल के यहां की जिंदगी कैसे चलती है, यह जानकर आप दंग रह जाएंगे.

दुनिया के नक्शे पर एक ऐसा छोटा सा द्वीप मौजूद है, जो अपनी भौगोलिक बनावट से कहीं ज्यादा अपनी इंसानी आबादी के जाल के लिए जाना जाता है. कोलंबिया के सैन बर्नार्डो द्वीप समूह में स्थित ‘सांता क्रूज डेल इस्लाट’ (Santa Cruz del Islote) एक ऐसी जगह है जिसे देखकर ऐसा लगता है मानो समंदर के बीचों-बीच इंसानों का कोई छत्ता बस गया हो.

यहां की बसावट इतनी सघन है कि घरों की दीवारें एक-दूसरे से सटी हुई हैं और गलियां इतनी तंग हैं कि दो लोग एक साथ मुश्किल से गुजर पाते हैं. करीब 1,200 लोगों की आबादी वाले इस द्वीप की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यहां न तो कोई पुलिस स्टेशन है, न कोई जेल और न ही सुरक्षा के लिए कोई कानून प्रवर्तन एजेंसी, फिर भी यहां लोग बेखौफ रहते हैं.

इस द्वीप का इतिहास किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. 19वीं सदी तक यहां कोई नहीं रहता था, लेकिन जब मछुआरों ने यहां रुकना शुरू किया, तो उन्हें एक अनोखी बात पता चली. उन्होंने महसूस किया कि समंदर के बीच होने के कारण यहां मच्छरों का नामोनिशान नहीं है, जो उस समय तटीय इलाकों में एक बड़ी मुसीबत थे.

बस यही सुकून उन्हें यहां खींच लाया और देखते ही देखते एक छोटी सी चट्टान एक विशाल मानवीय कॉलोनी में बदल गई. आज यहां लगभग 115 घर हैं, जिनमें पीढ़ियों से लोग साथ रह रहे हैं. जमीन की कमी का आलम यह है कि यहां अब नए घर बनाने की जगह नहीं बची है, इसलिए लोग पुराने घरों के ऊपर ही नई मंजिलें खड़ी कर रहे हैं. हालांकि, यह द्वीप क्षेत्रफल में दो फुटबॉल मैदानों के बराबर ही है, लेकिन यहां की हलचल किसी महानगर जैसी महसूस होती है.

सांता क्रूज डेल इस्लाट की जीवनशैली आधुनिक सुख-सुविधाओं और शहरी शोर-शराबे से कोसों दूर है. यहां न तो कोई कार है और न ही पक्की सड़कें, क्योंकि गाड़ियां चलाने के लिए यहां जगह ही नहीं बची है. पीने के पानी के लिए यहां के निवासी पूरी तरह मुख्य भूमि (Mainland) से आने वाले जहाजों पर निर्भर हैं, जो हफ्ते में एक बार पानी की सप्लाई करते हैं.

बिजली की समस्या और गरीबी यहां की कड़वी हकीकत है, लेकिन इसके बावजूद यहां के लोग अपनी इस तंग सी दुनिया को छोड़कर कहीं और नहीं जाना चाहते. उनका मानना है कि दुनिया के बढ़ते अपराधों और असुरक्षा से यह छोटी सी जगह कहीं ज्यादा सुरक्षित और शांतिपूर्ण है. जैसे-जैसे इस द्वीप की चर्चा पूरी दुनिया में फैली, यहां पर्यटकों का तांता लग गया.

बाहरी दुनिया से आने वाले लोग यहां की भीड़भाड़ को कौतूहल भरी नज़रों से देखते थे, जिससे यहां के निवासियों को अपनी निजता (Privacy) का उल्लंघन महसूस होने लगा. इसके विरोध में अब स्थानीय लोगों ने यहाँ आने वाले पर्यटकों से शुल्क लेना शुरू कर दिया है. इस पैसे का इस्तेमाल द्वीप की सामूहिक सुविधाओं को सुधारने और बच्चों की शिक्षा में किया जाता है.

यहां आने वाले सैलानियों के लिए यह एक अजूबा है कि कैसे इतने कम संसाधन में लोग इतने खुशहाल रह सकते हैं. द्वीप की सबसे बड़ी खासियत यहां का ‘जीरो क्राइम’ रेट है. यहां के निवासी एक बड़े परिवार की तरह रहते हैं, जहां हर कोई एक-दूसरे के सुख-दुख का साथी है. बच्चों के लिए पूरी बस्ती ही खेल का मैदान है और उन्हें किसी सड़क हादसे का डर नहीं सताता. सांता क्रूज डेल इस्लाट के लोग गरीबी के बीच भी जिस सामुदायिक एकता के साथ रह रहे हैं, वह आधुनिक दुनिया के लिए एक मिसाल है.

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