छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur के वीआईपी इलाके तेलीबांधा स्थित एक होटल में ठहरी दो विदेशी युवतियों के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के बाद पुलिस ने उज्बेकिस्तान की इन दोनों युवतियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
करीब तीन महीने तक पूछताछ और जांच के बाद भी युवतियां भारत में रहने के लिए वैध दस्तावेज नहीं दिखा सकीं, जिसके बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। अब पुलिस दूतावास की मदद से उन्हें उनके देश डिपोर्ट (वापस भेजने) की प्रक्रिया शुरू कर रही है।
9 जनवरी को होटल में पुलिस की रेड
यह मामला 9 जनवरी 2026 का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि Hotel Arena Boutique में दो विदेशी युवतियां ठहरी हुई हैं और उनकी गतिविधियां संदिग्ध हैं।
सूचना मिलने पर Telibandha थाना पुलिस ने होटल में दबिश दी और दोनों युवतियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पासपोर्ट और वीजा नहीं दिखा पाईं
पुलिस जांच के दौरान दोनों युवतियां भारत में प्रवेश या यहां रहने से जुड़े कोई वैध पासपोर्ट या वीजा नहीं दिखा सकीं। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।
तीन महीने तक चली जांच
पुलिस ने दोनों युवतियों को रायपुर सेंट्रल जेल परिसर स्थित डिटेंशन सेंटर में रखा था। इस दौरान उन्हें कई बार अपने दस्तावेज प्रस्तुत करने का मौका दिया गया, लेकिन तीन महीने तक वे कोई वैध जानकारी या दस्तावेज नहीं दे सकीं।
विदेशी अधिनियम के तहत मामला दर्ज
अंततः पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए 13 मार्च को दोनों युवतियों के खिलाफ विदेशी विषयक अधिनियम 2025 की धारा 3, 21 और 23 के तहत मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस का कहना है कि बिना वैध दस्तावेज भारत में रहना कानून का उल्लंघन है, इसलिए कानूनी कार्रवाई जरूरी थी।
दूतावास से संपर्क, डिपोर्ट की प्रक्रिया शुरू
एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस ने संबंधित दूतावास से संपर्क किया है। सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों युवतियों को उनके देश उज्बेकिस्तान वापस भेजने (डिपोर्ट) की तैयारी की जा रही है।
पुलिस की अपील
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि विदेशी नागरिकों को भारत में रहने के लिए वैध पासपोर्ट और वीजा रखना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।