
अमेरिका का टैरिफ फैसला और आरोप
वॉशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत पर 50% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने यूक्रेन युद्ध से अमेरिका को हो रहे मुनाफे का जिक्र करते हुए भारत को भी अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार ठहराया।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि असल वजहें कुछ और हैं। उन्होंने ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिश्तों में खटास आने के पीछे 4 अहम कारण बताए हैं।
1. कश्मीर मुद्दे पर असहमति
2019 में पाकिस्तान के तत्कालीन पीएम इमरान खान की अमेरिका यात्रा के दौरान ट्रंप ने दावा किया था कि मोदी ने उनसे कश्मीर पर मध्यस्थता करने को कहा है।
भारत ने तुरंत इस दावे को खारिज किया और साफ कहा कि कश्मीर एक द्विपक्षीय मुद्दा है और किसी तीसरे पक्ष की भूमिका स्वीकार्य नहीं है। यही तनाव की शुरुआत थी।

2. अमेरिकी चुनाव और रद्द मुलाकात
अमेरिकी चुनावों के दौरान पीएम मोदी ने ट्रंप और कमला हैरिस, दोनों से मुलाकात की योजना बनाई थी।
ट्रंप ने मुलाकात का एलान भी कर दिया, लेकिन कमला हैरिस ने आखिरी समय पर मिलने से इनकार कर दिया। इसके बाद मोदी ने एकतरफा मुलाकात रद्द कर दी। इस कदम से ट्रंप बेहद नाराज हुए।
3. भारत–पाक सीजफायर पर टकराव
ट्रंप ने बार-बार दावा किया कि भारत–पाक के बीच सीजफायर उनकी मध्यस्थता से हुआ।
वहीं भारत ने हमेशा कहा कि सीजफायर पाकिस्तान की पहल पर हुआ था। बार-बार के इन दावों और खंडन ने दोनों नेताओं के रिश्तों में खटास बढ़ा दी।
4. G7 समिट और वॉशिंगटन विवाद
कनाडा में हुई G7 समिट में मोदी और ट्रंप की मुलाकात तय थी, लेकिन ट्रंप अचानक अमेरिका लौट गए और मोदी को वॉशिंगटन आने का न्योता दिया।
इसी दिन पाकिस्तानी सेना प्रमुख की ट्रंप से मुलाकात तय थी। मोदी ने वॉशिंगटन जाने से इनकार कर दिया, जिसे ट्रंप ने व्यक्तिगत तौर पर अपमान समझा।
ट्रंप की कॉल और अनजान नंबर का मामला
जर्मन अखबार FAZ के मुताबिक, ट्रंप ने अपने नए कार्यकाल में मोदी को 4 बार फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।
कारण था – ट्रंप का नया नंबर। पिछली बार उन्होंने मोदी से अपना प्राइवेट नंबर शेयर किया था, लेकिन नया नंबर अनजान लगने के कारण कॉल उठाई नहीं गई।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि ट्रंप ने इसे भी व्यक्तिगत अपमान माना और अब उसी का असर टैरिफ जैसे फैसलों में दिख रहा है।
