खूबसूरत वादियों में छिपा है 'यमदूत' कुत्ता, कुचलकर मार देता है इंसानों को, जाने के नाम से भी कांपते हैं लोग!

दुनियाभर में ऐसी कई जगहें हैं, जिनके बारे में सुनकर एक अजीब सा रोमांच और डर दोनों एक साथ महसूस होता है. कहीं लोग एलियंस के होने का दावा करते हैं, तो कहीं ऐसी पहाड़ियां हैं जहां गाड़ियां बिना इंजन के खुद-ब-खुद ऊपर चढ़ने लगती हैं. लेकिन आज हम आपको इंग्लैंड के एक ऐसे रहस्यमयी ठिकाने के बारे में बताने जा रहे हैं, जो पहली नजर में जितना खूबसूरत लगता है, उसकी कहानी उतनी ही डरावनी है.

उस रहस्यमयी जगह का नाम ट्रोलर्स गिल (Troller’s Gill mystery) है, जो इंग्लैंड के यॉर्कशायर के वार्फेडेल इलाके में है. देखने में यह जगह किसी फिल्मी लोकेशन से कम नहीं लगता. ऊंची-ऊंची चट्टानें, हरियाली और बीच से बहता झरना- सब कुछ इतना सुकून देने वाला है कि यहां आने वाला हर शख्स खुद को प्रकृति के बेहद करीब महसूस करता है.

लेकिन जैसे-जैसे आप इस घाटी के अंदर बढ़ते हैं, माहौल में एक अजीब सा सन्नाटा और अनजाना डर महसूस होने लगता है. स्थानीय लोगों की मानें तो यह खामोश घाटी देखने में जितनी खूबसूरत है, उतनी ही ज्यादा डरावनी यहां से जुड़ी एक खौफनाक कहानी भी है. यह कहानी है एक ऐसे रहस्यमयी कुत्ते की, जिसे वे ‘बरगेस्ट’ कहते हैं.

कहा जाता है कि यह कोई आम जानवर नहीं, बल्कि एक डरावना दैत्याकार कुत्ता है. इसकी आंखें अंगारों की तरह जलती हैं और जो भी इसे देख ले, समझो उसकी मौत निश्चित है. कई लोग इस कुत्ते की तुलना यमदूत से करते हैं. दिलचस्प बात यह है कि सड़क के बिल्कुल पास होने के बावजूद यह जगह आसानी से नजर भी नहीं आती. अगर आपको रास्ता नहीं पता है, तो आप यहां नहीं पहुंच सकते हैं.

करीब 2.6 किलोमीटर का यह ट्रैक एडवेंचर पसंद लोगों के लिए किसी छिपे खजाने जैसा है. रास्ते में चट्टानों के बीच से अचानक गिरता पानी और बीच में पड़ने वाली पुरानी ‘गिल हेड्स माइन’, जो अब वीरान और खतरनाक हालत में है. यहां के लोगों के बीच एक पुरानी कहानी आज भी सुनाई जाती है. कहते हैं कि जॉन लैम्बर्ट नाम के एक शख्स ने नशे में इस रहस्यमयी कुत्ते को चुनौती दी थी, जो अगली सुबह पहाड़ी के नीचे मृत पाया गया.

हालांकि, इस कहानी का कोई पुख्ता सबूत नहीं है, लेकिन आज भी इसे यहां के लोग सच मानते हैं. इतना ही नहीं, 19वीं सदी की एक कविता में भी एक ऐसे व्यक्ति का जिक्र मिलता है, जिसने जादुई घेरा बनाकर इस कुत्ते को बुलाने की कोशिश की थी, लेकिन वह भी खुद को बचा नहीं पाया.

कैसे पड़ा घाटी का नाम?

इस घाटी का नाम ट्रोल्स पर पड़ा है, जो स्कैंडिनेवियाई संस्कृति में शापित या जादू-टोने से जुड़ी चीजों के लिए इस्तेमाल होता है. पुराने समय में यहां रहने वाले लोग मानते थे कि यह जगह शापित है और यहां अदृश्य शक्तियों का वास है. हालांकि, आज भी जो लोग यहां ट्रैकिंग के लिए आते हैं, उनमें से कई दावा करते हैं कि उन्हें चट्टानों के पीछे से किसी के चलने या भारी सांस लेने जैसी आवाजें सुनाई देती हैं.

सच क्या है, यह कोई नहीं जानता, लेकिन इतना जरूर है कि यहां कदम रखते ही आपको एहसास हो जाता है कि यह सिर्फ एक खूबसूरत घाटी नहीं, बल्कि रहस्यों से भरी एक अलग ही दुनिया है. प्रकृति की गोद में बसी यह जगह आज भी उन लोगों को अपनी ओर खींचती है, जो रोमांच के साथ-साथ अनजाने डर को महसूस करना चाहते हैं.

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