आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे आप धरती का सबसे बदकिस्मत इंसान कह सकते हैं. जिंदा रहते हुए इस शख्स पर 3 बार आसमानी बिजली गिरी. मरने के बाद भी किस्मत ने इसका पीछा नहीं छोड़ा.
बारिश का मौसम अपने साथ ठंडी हवाएं, काले बादल और बिजली की तेज कड़क लेकर आता है. जब आसमान में बिजली चमकती है, तो अक्सर हमारे मन में एक डर पैदा होता है अगर ये बिजली हमारे ऊपर गिर जाए तो क्या होगा? आमतौर पर इसका जवाब साफ होता है की जान बचना मुश्किल है. लेकिन क्या हो अगर कोई इंसान बार-बार बिजली गिरने का शिकार बने? सुनने में ये किसी फिल्म की कहानी लगती है, लेकिन एक शख्स की जिंदगी में ऐसा सच में हुआ था. मानो बिजली उसका पीछा कर रही हो और उसे कभी भी अकेला ना छोड़ना चाहती हो.
इस अनोखी और हैरान कर देने वाली कहानी के केंद्र में है एक व्यक्ति जिसका नाम वाल्टर समरफोर्ड. वो पेशे से एक ब्रिटिश सैनिक थे और अपनी ड्यूटी के लिए पूरी ईमानदारी से काम करते थे. लेकिन उनकी जिंदगी में जो हुआ, उसने उन्हें दुनियाभर में चर्चा का विषय बना दिया. जिसके बाद दुनिया उन्हे सबसे बदकिस्मत का टैग देने लगी.
पहली बार जब गिरी बिजली
दरअसल, साल 1918 में पहले विश्व युद्ध के दौरान वाल्टर समरफोर्ड बेल्जियम में तैनात थे. एक दिन वह घुड़सवारी कर रहे थे, तभी अचानक आसमानी बिजली सीधे उन पर गिर गई. हादसा इतना भयानक था कि उनकी कमर से नीचे का हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया. कई महीनों तक वो बिस्तर पर रहे, लेकिन वह हिम्मत से नहीं हारे और ठीक हो गए. मगर इस हादसे के बाद उन्हें सेना से रिटायर कर दिया गया. सभी ने सोचा कि अब तो उनकी जिंदगी शायद से सामान्य हो जाएगी, लेकिन बिजली ने उनका पीछा नहीं छोड़ा.
दूसरी बार फिर गिरी बिजली
रिटायरमेंट के बाद वाल्टर ने नई शुरुआत के लिए कनाडा का रुख किया. उन्हें लगा कि अब वह फिर आम जिंदगी जीने लगेंगे लेकिन किस्मत को शायद यह मंजूर नहीं था. साल 1924 में जब वो मछली पकड़ने गए, तब एक बार फिर बिजली ने उन्हें अपना निशाना बना लिया. इस बार उनके शरीर का दाहिना हिस्सा प्रभावित हुआ. फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और दोबारा ठीक होने की कोशिश में जुट गए.
तीसरी बार जब गिरी बिजली
दूसरी बार बिजली गिरने के बाद वाल्टर ठीक होने में लग गए और वह धीरे-धीरे ठीक भी हो रहे थे. तभी 6 साल बाद यानी 1930 में तीसरी बार भी बिजली उन पर गिर पड़ी. इस बार चोट इतनी गंभीर थी कि वह पूरी तरह उससे संभल नहीं पाए और दो साल तक संघर्ष करने के बाद आखिरकार 1932 में उनकी मौत हो गई.
मौत के बाद भी नहीं छोड़ा पीछा
वाल्टर की कहानी का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा यहां से शुरू होता है. कहा जाता है कि 1936 में, यानी उनकी मौत के कुछ साल बाद, उनकी कब्र पर भी बिजली गिरी और उसे काफी नुकसान पहुंचा. लोगों का दावा है कि हर 6 साल में उनकी कब्र पर बिजली गिरती है. हालांकि, इस बात के पुख्ता सबूत नहीं हैं, लेकिन ये कहानी लोगों को आज भी हैरान कर देती है.