दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची रेल लाइन पर बना रहस्यमय पुल, कहलाता है छोटा नर्क!

Mysterious Railway Bridge Little Hell: दुनियाभर में कई ऐसी जगहें हैं, जिनके बारे में जानकर हैरानी होती है. इनमें से कहीं पर पहाड़ों का जंगल है, तो कहीं पर कोई ट्रेन बादलों के बीच से होकर गुजरती है. इतना ही नहीं, एक ब्रिज तो ऐसा भी है, जहां पर कुत्ते सुसाइड कर लेते हैं. लेकिन आज हम आपको दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची रेलवे लाइन पर बने उस रहस्यमयी पुल के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे ‘छोटा नर्क (Little Hell)’ भी कहा जाता है.

अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये पुल कहां पर है और इसका नाम क्या है. ऐसे में बता दें कि इसका नाम है ‘इनफर्निलो ब्रिज’ यानी ‘छोटा नर्क’. यह एंडीज पर्वत की ऊंची-ऊंची चोटियों के बीच बना है जिसे देखकर इंसान की रूह कांप उठती है. जहां इतनी ऊंचाई पर हवा में सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है, वहां बना यह पुल किसी इंजीनियरिंग का चमत्कार ही नहीं, बल्कि मानव साहस और तकनीकी कौशल की एक जीती-जागती मिसाल है.

दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची रेलवे लाइन ‘फेरोकारिल सेंट्रल एंडिनो’ का यह हिस्सा समुद्र तल से 3,300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. पेरू की राजधानी लिमा से करीब 130 किलोमीटर दूर यह पुल दो विशाल चट्टानों के बीच बनी एक संकरी घाटी पर बना हुआ है. 1908 में अमेरिकन ब्रिज कंपनी द्वारा निर्मित इस 62.78 मीटर लंबे पुल की सबसे डरावनी विशेषता है इसके दोनों ओर बनी सुरंगें.

इस पुल के निर्माण में आने वाली चुनौतियां अविश्वसनीय थीं. 20वीं सदी के शुरुआती दौर में बिना आधुनिक मशीनों के इंजीनियरों ने इस कठिन इलाके में स्टील के इस पुल को बनाया. पुल के दोनों सिरों पर बनी सुरंगें इसकी संरचना को और भी जटिल बनाती हैं- ट्रेन एक चट्टान की सुरंग से निकलकर सीधे पुल पर आती है और तुरंत दूसरी सुरंग में प्रवेश कर जाती है.

क्यों कहते हैं ‘छोटा नर्क’?

यह पुल एंडीज पर्वतमाला की एक बहुत ही संकरी और गहरी घाटी में स्थित है. इसका नाम ‘इनफर्निलो’ (स्पेनिश में ‘छोटा नर्क’) इसकी भौगोलिक स्थिति के कारण पड़ा. पुल के नीचे गहरी खाई में रियो रिमैक नदी गर्जन करती हुई बहती है, जबकि ऊपर से ट्रेन गुजरती है तो पूरी संरचना कांप उठती है. पुल के एक तरफ ‘कारेटेरा सेंट्रल’ राजमार्ग है, जहां से यह नजारा और भी डरावना लगता है.

इस तरह के बीहड़, दुर्गम स्थानों को पारंपरिक रूप से डरावना या “नर्क जैसा” माना जाता रहा है. इसके अलावा जब 1908 में इसे बनाया गया था, तब इतनी ऊंचाई पर और ऐसी दुर्गम जगह पर काम करना बेहद खतरनाक था. इंजीनियरों और मजदूरों के लिए यह जगह सचमुच ‘छोटा नर्क’ बन गई थी, जहां उन्हें जान जोखिम में डालकर काम करना पड़ा था.

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