कोरबा | छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में गेवरा-पेंड्रा रोड रेल लाइन निर्माण परियोजना से जुड़े करीब 2 करोड़ रुपये मूल्य के रेलवे ट्रैक और कीमती पार्ट्स चोरी का मामला अब लगातार नए मोड़ लेता जा रहा है। पुलिस कार्रवाई के बाद जहां इसे ठेका कंपनी के अंदरूनी गबन का मामला बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर रेल परियोजना की ठेका कंपनी ने जांच को एकतरफा और भ्रामक करार दिया है।

135 किमी रेल लाइन परियोजना पर चोरी का साया

कोरबा से पेंड्रा के बीच लगभग 135 किलोमीटर लंबी गेवरा-पेंड्रा रोड रेल लाइन परियोजना का निर्माण कार्य चल रहा है। बीते कुछ दिनों से यह परियोजना धीमी पड़ गई है। ठेका कंपनी का दावा है कि निर्माणाधीन रेलवे ट्रैक से लगातार कीमती पार्ट्स चोरी होने के कारण काम प्रभावित हो रहा है। मामला तब सुर्खियों में आया, जब रेलवे प्रोजेक्ट से जुड़े करीब 2 करोड़ रुपये के महंगे ट्रैक पार्ट्स चोरी होने की जानकारी सामने आई।

कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर ने पहले ही जताई थी आशंका

रेल लाइन निर्माण कार्य कर रही शिवाकृति इंटरनेशनल लिमिटेड के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर सुरेंद्र कुमार जांगिड़ ने मीडिया के सामने बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक और अन्य कीमती सामग्री चोरी होने की जानकारी दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि संगठित कबाड़ी गिरोह इस चोरी में शामिल हो सकता है, लेकिन पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही। इसके बाद उन्होंने इस संबंध में कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी को लिखित शिकायत भी दी, जिस पर एसपी ने कटघोरा एसडीओपी को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

पुलिस का दावा: कंपनी के ही कर्मचारी निकले आरोपी

एसपी के निर्देश के बाद कटघोरा पुलिस ने ठेका कंपनी के यार्ड, स्टोर और साइट पर तैनात गार्ड व कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। पुलिस जांच में दावा किया गया कि

  • स्टोर से किसी बड़े स्तर की चोरी की पुष्टि नहीं हुई

  • रेलवे साइड पर काम करने वाले जेसीबी ऑपरेटर तेज बहादुर पटेल से पूछताछ में अहम खुलासा हुआ

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पिछले कुछ महीनों से रेलवे साइडिंग से लोहे के रॉड और स्क्रैप निकालकर लखनपुर के कबाड़ी को बेच रहा था
इसके बाद पुलिस ने

  • जेसीबी ऑपरेटर तेज बहादुर पटेल

  • कबाड़ी राहुल सिंह
    को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस कार्रवाई पर प्रोजेक्ट मैनेजर ने खड़े किए सवाल

पुलिस की गिरफ्तारी के बाद कंपनी के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर सुरेंद्र कुमार जांगिड़ ने जांच पर गंभीर सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि

  • बांकीमोंगरा क्षेत्र, जहां बड़े पैमाने पर चोरी हुई, वहां अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई

  • जेसीबी ऑपरेटर को पहले गवाह के तौर पर बुलाया गया और बाद में बयान बदलवाकर आरोपी बना दिया गया

उनका दावा है कि पुलिस असल आरोपियों को बचाने और मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।

2 करोड़ की चोरी, बरामदगी सिर्फ 25 लाख!

इस पूरे मामले में पुलिस ने जब्ती के तौर पर

  • एक जेसीबी मशीन

  • करीब डेढ़ क्विंटल स्क्रैप

  • 1235 रुपये नगद
    जब्त किए हैं, जिसकी कुल कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई जा रही है।

अब सवाल यह उठ रहा है कि

  • अगर चोरी 2 करोड़ की है

  • तो बरामदगी सिर्फ 25 लाख की कैसे?

जब्त की गई जेसीबी भी ठेका कंपनी की ही है, जिसे स्क्रैप चोरी में उपयोग के आरोप में सीज किया गया है।

सवालों के घेरे में जांच, आगे क्या?

फिलहाल यह मामला पुलिस और ठेका कंपनी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का रूप ले चुका है।

  • पुलिस इसे कंपनी के भीतर का गबन मान रही है

  • कंपनी संगठित चोरी की आशंका जता रही है

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि

  • क्या जांच में अभी कोई बड़ी कड़ी सामने आनी बाकी है?
  • क्या पुलिस ने जल्दबाजी में कार्रवाई कर दी?
  • या फिर ठेका कंपनी अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है?

इन सवालों के जवाब आने वाली जांच और निष्पक्ष कार्रवाई पर ही निर्भर करेंगे।

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