दुनियाभर में एक से बढ़कर एक खतरनाक जगहें हैं, जहां जाने का मतलब मौत को बुलावा देने जैसा है. लेकिन इसके बावजूद उन जगहों पर खूंखार जानवर और इंसान एक साथ रहते हैं. चाहे वो अमेजन के घने जंगल हों या अफ्रीकन ट्राइब्स, लेकिन क्या आप भारत की ऐसी ही खतरनाक जगह के बारे में जानते हैं?
अगर नहीं जानते तो बता दें कि गुजरात के आनंद जिले में एक ऐसा ही गांव हैं, जहां पर मगरमच्छ और इंसान एक-दूसरे के साथ बेखौफ नजर आते हैं. जिस तलाब में दर्जनों मगरमच्छ हैं, उसी तलाब में महिलाएं घुस जाती हैं और अपना काम बेखौफ करती हैं. लेकिन मगरमच्छ उन्हें नुकसान तक नहीं पहुचाते. ऐसा लगता है मानो मगरमच्छ कोई पालतू जानवर हैं.
इस गांव का नाम है मलातज, जिसे ‘पिंक विलेज’ भी कहा जाता है. यह अपनी खूबसूरती के साथ-साथ अपने खतरनाक निवासियों के लिए मशहूर है. आपको जानकर हैरानी होगी, लेकिन बता दें कि इस गांव के तालाबों में 60 से 100 के करीब विशालकाय मगरमच्छ रहते हैं. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यहां की महिलाएं तालाब के किनारे बेखौफ होकर कपड़े धोती हैं और बच्चे पास में ही खेलते हैं .
गांव वालों का दावा है कि इन मगरमच्छों ने आज तक किसी भी इंसान पर हमला नहीं किया है. इस वजह से वे इन्हें केवल जीव नहीं, बल्कि ‘खोड़ियार माता’ का वाहन मानकर इन मगरमच्छों की पूजा करते हैं. सिर्फ मलातज ही नहीं, पास के देवा गांव में तो मगरमच्छों की संख्या 100 से भी ज्यादा है. मानसून के दौरान जब तालाब भर जाते हैं, तो ये 10-12 फुट लंबे शिकारी गांवों की सड़कों और कभी-कभी घरों के अंदर तक घुस आते हैं.
हाल ही में यूट्यूब चैनल @Vampasur ने यहां से जुड़ा वीडियो शेयर किया, जो वायरल हो गया. वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक बंदर मगरमच्छों से भरे तालाब में फंस गया था और एक ग्रामीण ने बिना किसी डर के पानी में उतरकर उसको बचाया. यहां के लोगों के लिए मगरमच्छों के बीच रहना बिल्कुल वैसा ही है, जैसे हम अपने पड़ोसियों के साथ रहते हैं.
यहां के लोग बताते हैं कि मगरमच्छ बहुत ही धैर्यवान शिकारी होते हैं और घंटों तक धूप सेंकने के लिए अपना मुंह खोलकर जमीन पर पड़े रहते हैं. हालांकि, ये मांसाहारी जीव हैं और पक्षियों या मछलियों का शिकार करते हैं, लेकिन इंसानों के प्रति इनका व्यवहार बहुत शांत रहता है. पेटली गांव में तो तालाब के पास एक बोर्ड लगा है, जिस पर लिखा है- देखो मगर प्यार से. यह बोर्ड यहां के लोगों और इन खतरनाक जीवों के बीच के अनोखे रिश्ते को बयां करता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह आपसी समझ और सम्मान का नतीजा है कि आज तक यहां कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ.