'सब बेच दो, कयामत आने वाली है!' भक्तों को कंगाल कर स्वर्ग भेजने वाले की कुंडली खुली तो उड़ गए होश...

वो कहता था दुनिया खत्म होने वाली है, अपना सब कुछ मुझे दे दो… लेकिन दुनिया तो बची रह गई, बाबा का खेल खत्म हो गया! खुद को भगवान का ‘अवतार’ बताने वाले और धरती पर प्रलय की तारीख मुकर्रर करने वाले Eboh Noah को पुलिस ने धर दबोचा है. जंगल में बसा रखी थी अपनी अलग दुनिया, जहां ‘स्वर्ग’ के नाम पर चल रहा था नर्क का खेल.

कलयुग के अवतारों की लिस्ट में एक और नाम जुड़ गया है, लेकिन इस बार मामला थोड़ा ज्यादा ही फिल्मी है. वो चीख-चीख कर कहता था, तौबा कर लो… आसमान से आग बरसने वाली है! सब खत्म हो जाएगा, सिर्फ मैं बचूंगा और वो बचेंगे जो मेरे चरणों में होंगे. लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ और खुद को भगवान का अवतार बताने वाला इबोह नूह (Eboh Noah) अब पुल‍िस के हत्‍थे चढ़ गया है. आइए जानते हैं कयामत के इस सौदागर की पूरी कुंडली, जिसे पढ़कर आप अपना सिर पकड़ लेंगे.

कहानी शुरू होती है एक ऐसे शख्स से जिसने लोगों के डर को अपना बिजनेस मॉडल बना लिया. Eboh Noah ने कोई छोटा-मोटा दावा नहीं किया था. उसने सीधे खुद को मसीहा घोषित कर दिया. उसका कहना था, ऊपरवाले ने मुझे वॉट्सऐप नहीं, सीधे सिग्नल भेजा है कि धरती का द एंड होने वाला है. उसकी बातों में ऐसा जादू था कि अच्छे-खासे पढ़े-लिखे लोग भी उसके सम्मोहन में आ गए. उसने लोगों को यकीन दिला दिया कि बाहर की दुनिया शैतान का अड्डा है और सिर्फ उसका आश्रम ही वो कश्ती है जो प्रलय के तूफान में नहीं डूबेगी.

नोट कागज के टुकड़े बन जाएंगे

  • इस पाखंडी बाबा का सबसे बड़ा हथियार था त्याग. लेकिन त्याग किसका? खुद का नहीं, भक्तों का! उसने अपने अनुयायियों को डराया, जब प्रलय आएगी, तो ये नोट कागज के टुकड़े बन जाएंगे. मकान, जमीन, जायदाद… सब यहीं धरा रह जाएगा. इसलिए सब बेच दो और पैसा मुझे… मेरा मतलब है, ‘ईश्वरीय कार्य’ में लगा दो.
  • हैरानी की बात यह है कि डर के मारे सैकड़ों लोगों ने अपनी जिंदगी भर की कमाई इस ठग के कदमों में डाल दी. लोगों ने नौकरियां छोड़ दीं, बच्चों को स्कूल से निकाल लिया और अपना घर-बार बेचकर उसके साथ जंगल की खाक छानने निकल पड़े. उनका मानना था कि वे वीआईपी टिकट लेकर स्वर्ग जा रहे हैं, जबकि असल में वे नर्क की तरफ बढ़ रहे थे.

जंगल में ‘कयामत’ का रिहर्सल

  1. Eboh Noah अपने सैकड़ों भक्तों को लेकर एक अज्ञात स्थान यानी जंगल के बीहड़ में चला गया. उसने इसे पवित्र शरणस्थली का नाम दिया, लेकिन असल में यह एक खुली जेल थी. वहां के नियम सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे.
  2. वहां मोबाइल पर बैन था ताकि कोई बाहरी दुनिया को ये न बता सके कि अंदर क्या चल रहा है. लोगों को भरपेट खाना नहीं दिया जाता था.
  3. कहा जाता था कि कम खाओगे तो आत्मा हल्की रहेगी और स्वर्ग जल्दी उड़ पाओगे.किसी को अस्पताल जाने की इजाजत नहीं थी. बीमार पड़ने पर बाबा का ‘फूंका हुआ पानी’ ही एकमात्र दवा थी.

…और आ गई पुलिस वाली ‘प्रलय’

बाबा ने जिस तारीख को दुनिया खत्म होने की भविष्यवाणी की थी, उस दिन तो कुछ नहीं हुआ, लेकिन पुलिस के रडार पर बाबा जरूर आ गए. जब लापता लोगों के परिजनों ने थानों में हंगामा मचाया, तो प्रशासन की नींद टूटी. पुलिस की टीम जब जंगल में बने उस तथाकथित स्वर्ग में घुसी, तो नजारा देखकर दंग रह गई. वहां सैकड़ों लोग बदहवास, कमजोर और डरे हुए मिले. वे अब भी आसमान की तरफ देख रहे थे कि कब बिजली गिरेगी. लेकिन बिजली आसमान से नहीं, पुलिस की लाठियों के रूप में बाबा के साम्राज्य पर गिरी.

हथकड़ी लगते ही गायब हुई ‘दिव्य शक्तियां’

  • गिरफ्तारी का मंजर भी कम दिलचस्प नहीं था. चश्मदीदों के मुताबिक, जब पुलिस उसे पकड़ने पहुंची, तो भक्तों को लगा कि बाबा कोई चमत्कार करेंगे. शायद वो गायब हो जाएंगे या पुलिस को भस्म कर देंगे. लेकिन अफसोस! ऐसा कुछ नहीं हुआ.
  • धरती पर प्रलय लाने का दावा करने वाला Eboh Noah पुलिस को देखते ही भीगी बिल्ली बन गया. न कोई मंत्र काम आया, न कोई श्राप. पुलिस ने उसे घसीटकर जीप में डाला. जो शख्स कल तक कहता था कि मेरे सिवा कोई नहीं बचेगा, आज वो वकीलों से कह रहा है- मुझे बचा लो!

अंधभक्ति का अंजाम

Eboh Noah अब सलाखों के पीछे है और उन धाराओं में मुकदमे झेल रहा है, जिन्हें गिनने में वकीलों को भी पसीना आ जाए. धोखाधड़ी, अपहरण, मानवाधिकार हनन और न जाने क्या-क्या. यह खबर एक चेतावनी है. दुनिया खत्म होगी या नहीं, यह तो वक्त बताएगा, लेकिन ऐसे पाखंडियों के चक्कर में पड़कर इंसान की अपनी दुनिया जरूर खत्म हो जाती है.

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