लखनऊ. इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पीसीएस अफसर ज्योति मौर्या और उनके पति आलोक कुमार मौर्या के बीच चल रहा विवाद खूब ट्रेंड कर रहा है. एसडीएम ज्योति मौर्य के अफेयर और उनके व्यवहार को लेकर आलोक खुलकर मीडिया के सामने अपनी बात रख रहे हैं. वहीं अब तक इस पूरे मामले पर शांत रही एसडीएम ज्योति मौर्या ने अब पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए खुलकर अपनी बात कही है.  ज्योति मौर्या ने न्यूज़ 18 के साथ खास बातचीत में कहा कि मुझे पति के सफाईकर्मी होने से कोई दिक्कत नहीं है. इस पूरे विवाद का उनके एसडीएम होने या फिर पति के सफाईकर्मी होने से कोई लेनादेना नहीं है.

ज्योति मौर्या ने बातचीत में कहा कि यह पूरी तरह से हमारा पारिवारिक विवाद है, जिसके लिए कोर्ट में मैट्रिमोनियल केस चल रहा है. यह पर्सनल मैटर है, हमारे बीच कब से और क्यों विवाद हुआ मैं इस पर कोई सफाई नहीं देना चाहती हूं. कोर्ट में हमारा मैट्रिमोनियल केस चल रहा है. मुझे जो भी जवाब देना होगा कोर्ट में दूंगी. उन्होंने झूठ बोलकर शादी की, हालांकि यह कोई मुद्दा नहीं है. विवाद के बाद पति आलोक से बातचीत को लेकर ज्योति ने कहा कि मेरी इधर उनसे कोई बातचीत नहीं हुई है.

अपने अफेयर पर कही यह बात 

एसडीएम ज्योति मौर्य ने किसी और के साथ संबंध और अफेयर को लेकर पूछे सवाल पर कहा कि यह मेरा पर्सनल मैटर है. हमारा पहले से ही कोर्ट में मैट्रिमोनियल केस चल रहा है. ज्योति ने 2010 में शादी के बाद से ही आलोक द्वारा सहयोग नहीं किए जाने के सवाल पर कहा कि मैंने ऐसा नहीं कहा है. यह पति-पत्नी के बीच का मामला है. वैसे भी आलोक के यह सब कहने से पहले हमारा केस कोर्ट में चल रहा है. आलोक जो कह रहे हैं, उनको कहने दीजिए. मुझे कोई कहानी नहीं बतानी है.

कैसे खराब हुए रिश्ते?

ज्योति मौर्या ने पति आलोक से रिश्ते खराब होने के कारण के बारे में सवाल पूछे जाने पर कहा कि यह कैसे कोई तय कर सकता है कि रिश्ते कैसे खराब हुए. यह तो पति पत्नी के बीच का मामला है. पति-पत्नी के बीच विवाद के बहुत सारे कारण होते हैं. देश में पहले भी तलाक हुए हैं. यह कोई पहला तलाक केस नहीं है. आलोक जो कहते हैं उनको कहने दीजिए. मुझे आलोक के पद से कोई मतलब नहीं है. यह पारिवारिक मामला है.

क्या आलोक ने आपकी पढ़ाई में मदद की थी?

आलोक मौर्या के इस दावे पर कि उन्होंने पढ़ाया लिखाया और एसडीएम बनाया इस पर भी ज्योति मौर्या ने तंज कसा और कहा, “पता है जब मैं एलकेजी में थी तभी मेरी शादी हो गई थी. आलोक ने मुझे बचपन से पाला पोसा है.” पढ़ाई में हेल्प की बात पर उन्होंने कहा कि स्वाभाविक है कि अगर पति-पत्नी हैं तो एक दूसरे की हेल्प करते ही हैं. लेकिन सहयोग करने का मतलब यह नहीं है कि एक इंसान अगर उस पद पर चला गया तो आप हमेशा टॉन्ट करोगे, प्रताड़ित करोगे, मेंटल टॉर्चर करोगे.

‘मुझे सोशल मीडिया से कोई मतलब नहीं है’

वहीं ज्योति मौर्या ने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ चल रहे कंटेंट को लेकर पूछे सवाल पर कहा कि मुझे सोशल मीडिया से कोई मतलब नहीं है, जिसे जो शेयर करना है करे. इस विवाद से पहले ही उनका केस कोर्ट में चल रहा है, उन्हें जो भी कहना होगा कोर्ट में कहेंगी. वहीं आलोक के साथ रिश्ता टूटने के सवाल पर ज्योति मौर्या ने कहा कि उन्होंने हमारे 12 साल के रिश्ते को सोशल मीडिया में लाकर तार-तार कर दिया है. मेंने तो अलग होने का कानूनी तरीका चुना था.

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