बलूचिस्तान में बढ़ता विद्रोह: पाकिस्तानी सेना पर BLA का दबाव, ‘ऑपरेशन हेरोफ 2.0’ से हालात तनावपूर्ण

बलूचिस्तान में सुरक्षा स्थिति लगातार बिगड़ती नजर आ रही है। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) और अन्य विद्रोही संगठनों की गतिविधियों में तेज़ी आई है, जिससे पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बलों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। हालिया अभियानों और हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है।

नीचे जानिए क्या है पूरा मामला, क्यों महत्वपूर्ण है बलूचिस्तान और क्या हैं ताज़ा हालात।

क्या है BLA का ‘ऑपरेशन हेरोफ 2.0’?

रिपोर्ट्स के मुताबिक बलूच लिबरेशन आर्मी ने हाल के दिनों में “ऑपरेशन हेरोफ 2.0” नाम से एक अभियान चलाने का दावा किया है। इस अभियान के तहत सुरक्षा बलों, सरकारी ठिकानों और इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं।
हालांकि हताहतों के आंकड़ों को लेकर अलग-अलग स्रोतों में भिन्नता है और स्वतंत्र पुष्टि हर दावे की नहीं हो पाई है।

कई जिलों में बढ़ी गतिविधियां

क्वेटा, नुश्की, मस्तुंग और आसपास के इलाकों में विद्रोही गतिविधियों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

  • सुरक्षा बलों की गश्त बढ़ाई गई है

  • कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त तैनाती

  • सड़कों पर भारी सुरक्षा व्यवस्था

  • चेकिंग और सर्च ऑपरेशन तेज

कुछ जगहों पर सरकारी इमारतों और पुलिस पोस्ट को निशाना बनाए जाने की भी सूचनाएं हैं।

आम नागरिकों पर असर और आरोप-प्रत्यारोप

स्थानीय स्तर पर मानवाधिकार संगठनों और नागरिक समूहों ने आरोप लगाया है कि ऑपरेशन के दौरान आम लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।

  • घरों की तलाशी

  • आवाजाही पर रोक

  • संपत्ति को नुकसान पहुंचने के आरोप

वहीं पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि कार्रवाई केवल उग्रवादी तत्वों के खिलाफ की जा रही है।

पाकिस्तानी नेतृत्व पर बढ़ता राजनीतिक दबाव

बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वाह में सुरक्षा चुनौतियों को लेकर पाकिस्तान के राजनीतिक हलकों में भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ धार्मिक और राजनीतिक नेताओं ने सरकार और सेना की रणनीति पर खुलकर टिप्पणी की है।
सीमा पार से घुसपैठ और आतंकी घटनाओं को लेकर भी बहस तेज हुई है।

क्यों अहम है बलूचिस्तान?

बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन कम आबादी वाला प्रांत है, जो सामरिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है:

  • पाकिस्तान के कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 44% हिस्सा

  • आबादी करीब 5%

  • ईरान और अफगानिस्तान से लगती सीमा

  • अरब सागर से जुड़ा तटीय क्षेत्र

  • गैस, खनिज और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध

  • ग्वादर बंदरगाह यहीं स्थित

  • चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) का प्रमुख मार्ग

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