PM Narendra Modi

Work from Home Culture को PM मोदी ने दिया बढ़ावा, बोले- फ्लेक्सिबल वर्कप्लेस भविष्य की जरूरत…

भिलाई [न्यूज़ टी 20] Covid -19 ने न सिर्फ हमारी जीवन शैली बदली है बल्कि हम पारम्परिक कामकाज के तरीके में भी बड़ा बदलाव करने को मजबूर हुए हैं । इस वैश्विक महामारी और इसकी वजह से किए गए लॉकडाउन के कारण कामकाज के नए तरीके को अपनाने के लिए मजबूर कर दिया । माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज के बदलते युग में Flexible Work space और Work from Home Ecosystem को भविष्य की जरूरत बताया है। पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया डिजिटल दौर में प्रवेश कर रही है। उन्होंने कहा, ‘देश का श्रम मंत्रालय अमृतकाल में वर्ष 2047 के लिए अपना विजन भी तैयार कर रहा है।

Flexible Work Space और Work from Home Ecosystem भविष्य की जरूरत है। Flexible Work Space जैसी व्यवस्थाओं को महिला श्रमशक्ति की भागीदारी के लिए अवसर के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। PM Narendra Modi  ने गुरुवार को video conference के जरिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के श्रम मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित किया।  इस दौरान उन्होंने कहा, ‘अगर हमने खुद को तेजी से भविष्य के लिए तैयार नहीं किया, तो फिर पिछड़ने का खतरा हो जाएगा।

पहली, दूसरी और तीसरी औद्योगिक क्रांति का लाभ उठाने में भारत पीछे रह गया था। अब चौथी औद्योगिक क्रांति के समय भारत को तेजी से निर्णय भी लेने होंगे और उन्हें तेजी से लागू भी करना पड़ेगा। बदलते हुए समय के साथ, जिस तरह Nature of Jobs बदल रहा है, वो आप भी देख रहे हैं।’

रोजगार के एक नई आयाम के साक्षी बन रहे हम लोग: मोदी

नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आज हम सब GIG ( गिग ) और Plate form Ecosystem के रूप में रोजगार के एक नए नए आयाम के साक्षी बन रहे हैं।Online Shopping, Online Health Services, ऑनलाइन टैक्सी और Food Delivery हो, ये आज शहरी जीवन का हिस्सा बन चुका है। लाखों युवा इन सेवाओं को, इस नए बाजार को गति दे रहे हैं। इन सभी नई संभावनाओं के लिए हमारी सही नीतियाँ और सही प्रयास, इस क्षेत्र में भारत को Global Leader बनाने में मदद करेंगे।

सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए ई-श्रम पोर्टल हैं सहायक : मोदी

मोदी ने कहा, ‘देश के असंगठित श्रमिक को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए, किस तरह काम हो रहा है, उसका एक उदाहरण ‘ई-श्रम पोर्टल’ भी है। ये पोर्टल पिछले साल शुरू किया गया था । ताकि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए आधार से जुड़ा नेशनल डेटाबेस बन सके।

मुझे खुशी है कि इस एक साल में ही, इस पोर्टल से 400 अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले करीब 28 करोड़ असंगठित श्रमिक जुड़ चुके हैं। विशेष रूप से इसका लाभ Construction Worker को, प्रवासी मजदूरों को, और Domestic Workers को मिल रहा है।

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