
रायपुर- गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में सड़क हादसों को कम करने और लोगों की जान बचाने के लिए अब प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी और पुलिस अधीक्षक एस.आर. भगत की मौजूदगी में कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में हुई बैठक में तय किया गया कि अब जिले के सभी पेट्रोल-डीजल पंपों पर “नो हेलमेट-नो पेट्रोल” नियम सख्ती से लागू किया जाएगा।
बैठक में सभी पंप संचालकों ने इस फैसले का स्वागत किया और सहमति जताई। तय हुआ कि आने वाले एक हफ्ते तक जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को समझाया जाएगा कि पेट्रोल लेने के लिए हेलमेट पहनना जरूरी है। इसके लिए सभी पंपों पर चेतावनी वाले फ्लैक्स लगाए जाएंगे और चौक-चौराहों पर भी घोषणाएं की जाएंगी। इसके बाद प्रशासन हेलमेट की अनिवार्यता को सख्ती से लागू करेगा।

बैठक में मानवता की सेवा के लिए जिला रेडक्रॉस सोसायटी की सदस्यता लेने पर भी चर्चा हुई। इसमें सभी पंप संचालकों ने 1000 रुपये शुल्क जमा कर आजीवन सदस्यता ली। इसके साथ ही, गौरेला के मथुरा पेट्रोल पंप संचालक उमेश अग्रवाल और पेंड्रा के काव्या पेट्रोल पंप संचालक आदित्य साहू ने 25 हजार रुपये सेवा शुल्क देकर संरक्षक सदस्यता भी ग्रहण की।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओम चंदेल, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा सहित जिले के सभी प्रमुख पेट्रोल पंप संचालक और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम से जुड़े विभिन्न पंप संचालकों ने भी भाग लिया और इस जनहितकारी निर्णय का समर्थन किया। इस तरह प्रशासन और पंप संचालकों के संयुक्त प्रयास से जिले में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और हेलमेट पहनने की आदत से कई अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकेंगी।
