रिश्तों की दुनिया जितनी खूबसूरत दिखाई जाती है, हकीकत कई बार उससे बिल्कुल उलट होती है। शादीशुदा ज़िंदगी के भीतर छुपे भावनात्मक तनाव, अकेलापन और संवाद की कमी अक्सर समाज के सामने नहीं आ पाते। हाल ही में इंग्लैंड की एक महिला ने ऐसे ही रिश्तों के अनकहे सच को उजागर किया है, जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है।

कौन हैं एलिजाबेथ रोमानोवा?

इंग्लैंड के नॉर्थम्पटनशायर की रहने वाली 32 वर्षीय एलिजाबेथ रोमानोवा (Elizabeth Romanova) एक बच्चे की मां हैं। उन्होंने खुलासा किया कि उनके पास आने वाले ज़्यादातर लोग शादीशुदा पुरुष होते हैं या फिर किसी गंभीर रिश्ते में बंधे होते हैं। एलिजाबेथ के अनुसार, ये पुरुष सिर्फ शारीरिक संबंधों के लिए नहीं आते, बल्कि उस भावनात्मक खालीपन को भरने की कोशिश करते हैं, जो उन्हें अपने घर या जीवनसाथी से नहीं मिल पा रहा होता।

‘इमोशनल इन-बिटवीन’ स्थिति में होते हैं ज्यादातर पुरुष

एलिजाबेथ बताती हैं कि उनके अधिकांश क्लाइंट्स एक खास मानसिक स्थिति में होते हैं, जिसे वह “Emotional In-Between” कहती हैं।

  • शादी खत्म नहीं हुई होती

  • लेकिन भावनात्मक जुड़ाव टूट चुका होता है

  • घर में रहते हुए भी खुद को अकेला महसूस करते हैं

उनका कहना है कि उनके साथ बिताया गया समय इन पुरुषों के लिए ऐसा स्पेस होता है, जहां वे बिना जजमेंट, डर और दबाव के खुद को व्यक्त कर पाते हैं

क्यों आते हैं शादीशुदा मर्द?

एलिजाबेथ के मुताबिक, पुरुष अक्सर इन वजहों से उनके पास आते हैं:

  • रिश्ते में भावनात्मक दूरी

  • शारीरिक नजदीकी की कमी

  • घर में खुद को ‘अदृश्य’ महसूस करना

  • कोमलता, समझदारी और स्थिरता की तलाश

कई पुरुष उनसे हर हफ्ते या महीने में एक बार मिलते हैं और अपनी निजी व पारिवारिक जिंदगी को पूरी सावधानी से अलग रखते हैं।

क्या खुद को ‘Home-Wrecker’ मानती हैं एलिजाबेथ?

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह खुद को घर तोड़ने वाली (Home-Wrecker) मानती हैं, तो उन्होंने साफ इनकार किया।

एलिजाबेथ का कहना है:

“मैं किसी की शादी में दखल नहीं देती। मैं पुरुषों से वहीं मिलती हूं, जहां वे पहले से ही मानसिक रूप से खड़े होते हैं।”

उनके अनुसार, अधिकतर पुरुष अपनी शादीशुदा पहचान खुलकर नहीं बताते, लेकिन उनका व्यवहार सब कुछ बता देता है—
फोन साइलेंट, समय को लेकर सतर्कता और रात रुकने से परहेज।

क्या महिलाएं भी आती हैं?

एलिजाबेथ के अनुसार, कभी-कभार महिलाएं भी उनके पास आती हैं, लेकिन उनकी संख्या पुरुषों के मुकाबले काफी कम होती है।
उनका कहना है कि महिलाएं अक्सर काफी सोच-समझकर ऐसा कदम उठाती हैं, खासकर तब जब वे लंबे समय से भावनात्मक उपेक्षा महसूस कर रही हों।

‘मैं पछतावे से नहीं, समय और अनुभव से पैसा कमाती हूं’

एलिजाबेथ का मानना है कि उनका काम किसी की निजी जिंदगी को नियंत्रित करना नहीं है।

उनके शब्दों में:

“मेरा काम सिर्फ समय, समझ और अनुभव देना है। रोमांस सबसे आसान हिस्सा है, असली चुनौती मानसिक शांति और बिना शर्त स्वीकार्यता देना है।”

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