दुर्ग (छत्तीसगढ़): जिले में ट्रैवल एजेंसी की आड़ में चल रहे एक बड़े ठगी गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। इस कार्रवाई में 10 वाहन (9 कार और 1 मोटरसाइकिल) जब्त किए गए हैं, जबकि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
मोहन नगर थाना क्षेत्र में सक्रिय इस गिरोह के सदस्य खुद को “माँ लक्ष्मी टूर एण्ड ट्रेवल्स” का संचालक बताकर लोगों से गाड़ियां किराए पर लेते थे। शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए वे समय पर भुगतान करते थे, लेकिन बाद में गाड़ियों को न तो लौटाते थे और न ही किराया देते थे।
गाड़ियों को गिरवी रखकर करते थे ठगी
आरोपी वाहन मालिकों की गाड़ियों को दूसरे लोगों के पास गिरवी रख देते थे और खुद फरार हो जाते थे। इस तरह उन्होंने कई लोगों को अपना शिकार बनाया और लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया।
शिकायत से खुला राज
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब दुर्ग निवासी आकुब खान ने मोहन नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी गाड़ी किराए पर लेने के बाद आरोपी गायब हो गए और फोन भी बंद कर लिया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 316(5) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया।
जांच के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया:
- अमित कुमार सिंह (राजनांदगांव)
- वरुण सलामे (डोंगरगढ़, 25 वर्ष)
पूछताछ में आरोपियों ने कई अन्य लोगों से भी इसी तरह ठगी करने की बात स्वीकार की है।
10 वाहन जब्त, जांच जारी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और गिरवी रखे गए स्थानों से कुल 10 वाहन बरामद किए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं।
वाहन मालिकों के लिए जरूरी सलाह
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि:
- वाहन किराए पर देने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें
- एजेंसी के दस्तावेज और पहचान सत्यापित करें
- बिना लिखित एग्रीमेंट के गाड़ी न दें