IBPS, SBI, RRBs: बैंकिंग जॉब की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के लिए बड़ी खबर है. फाइनेंस मिनिस्ट्री ने IBPS के जरिए SBI, नेशनलाइज्ड बैंक और रीजनल रूरल बैंक (RRB) की भर्तियों में बड़ा रिफॉर्म कर दिया है. अब रिजल्ट और एग्जाम का पूरा सिस्टम बदल जाएगा. पहले जहां RRB का एग्जाम और रिजल्ट सबसे पहले आता था.अब सबसे पहले SBI का रिजल्ट आएगा. इसका फायदा ये होगा कि कैंडिडेट्स को अच्छे से सोच-समझकर बैंक चुनने का मौका मिलेगा और बैंक में बार-बार छोड़कर जाने की समस्या कम होगी. ये बदलाव कैंडिडेट्स के लिए पारदर्शिता बढ़ाएगा और बैंकिंग सेक्टर में स्थिरता लाएगा.
पहले क्या समस्या थी?
फाइनेंस मिनिस्ट्री के डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) ने SBI, नेशनलाइज्ड बैंक और RRB की भर्ती और रिजल्ट पैटर्न की पूरी समीक्षा की.पता चला कि ज्यादातर नए रिक्रूट कैंडिडेट्स पहले RRB जॉइन करते हैं फिर नेशनलाइज्ड बैंक में शिफ्ट हो जाते हैं और आखिर में SBI चले जाते हैं.
इससे बैंकिंग सेक्टर में नौकरी छोड़कर जाने यानी एट्रिशन बहुत ज्यादा हो रहा था.एक बैंक में मेहनत करके ट्रेनिंग पूरी करो फिर बेहतर मौका मिलते ही दूसरी बैंक में चले जाओ इससे ऑपरेशनल दिक्कतें आ रही थीं. DFS ने इसे ठीक करने के लिए इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) को सलाह दी कि रिजल्ट घोषणा का एक स्टैंडर्ड और लॉजिकल सीक्वेंस बनाया जाए.
अब रिजल्ट कैसे आएंगे?
अब सबसे पहले SBI के रिजल्ट घोषित होंगे.फिर नेशनलाइज्ड बैंक (NBs)में होने वाली भर्ती परीक्षाओं के रिजल्ट जारी होंगे और सबसे आखिरी में RRB के नतीजे आएंगे.ये बदलाव पहले ऑफिसर लेवल एग्जाम के लिए लागू होगा. उसके बाद क्लेरिकल लेवल के रिजल्ट भी इसी क्रम में आएंगे यानी पहले सारे ऑफिसर लेवल के रिजल्ट (SBI,NBs,RRB)और फिर क्लेरिकल लेवल के रिजल्ट आएंगे.
एग्जाम का टाइमलाइन भी बदलेगा
पहले RRB के एग्जाम सबसे पहले होते थे.फिर नेशनलाइज्ड बैंक और SBI के. अब पूरा साइकिल उल्टा हो जाएगा. SBI के एग्जाम और रिजल्ट सबसे पहले, फिर नेशनलाइज्ड बैंक और आखिर में RRB. इससे कैंडिडेट्स को पता चल जाएगा कि उन्हें SBI मिल रहा है या नहीं. अगर SBI नहीं मिला तो नेशनलाइज्ड बैंक चुन सकते हैं. RRB का रिजल्ट सबसे आखिर में आने से कैंडिडेट्स पहले बेहतर ऑप्शन चुन लेंगे और बाद में छोड़कर जाने की समस्या कम हो जाएगी.
कैंडिडेट्स को क्या फायदा होगा
ये नया सिस्टम कैंडिडेट्स के लिए बहुत फायदेमंद है.अब वे रिजल्ट देखकर सोच-समझकर अपना पसंदीदा बैंक चुन सकेंगे. पहले RRB जॉइन करके बाद में SBI मिलने पर छोड़ देते थे जिससे समय और मेहनत बर्बाद होती थी. अब प्राथमिकताएं जल्दी तय हो जाएंगी. एक फाइनेंस मिनिस्ट्री अफसर ने कहा कि ये सिस्टमैटिक अप्रोच कैंडिडेट्स के लिए प्रेडिक्टेबिलिटी बढ़ाएगा और बैंकिंग सेक्टर में रिक्रूटमेंट की स्थिरता मजबूत करेगा.
बैंकिंग सेक्टर को क्या मिलेगा?
ये रिफॉर्म्स से पब्लिक सेक्टर बैंक में वर्कफोर्स प्लानिंग बेहतर होगी.एट्रिशन कम होगा यानी एक बार जॉइन करने वाले ज्यादा दिन टिकेंगे. ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी और रिक्रूटमेंट ज्यादा स्टेबल बनेगा. कुल मिलाकर बैंकिंग जॉब्स की तैयारी करने वालों के लिए ये एक पारदर्शी और फेयर सिस्टम होगा.