महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित प्रमोटर सौरभ चंद्राकर से जुड़ी करीब ₹1,700 करोड़ की संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई है, जिसमें भारत और यूएई दोनों जगह की प्रॉपर्टी शामिल है।
18 लग्जरी प्रॉपर्टी जब्त, दुबई में भी कार्रवाई
ईडी की जांच में सामने आया कि कुल 18 अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया है। इनमें दुबई के प्रीमियम इलाकों में स्थित आलीशान विला और अपार्टमेंट शामिल हैं।
- दुबई हिल्स एस्टेट के लक्जरी विला
- बिजनेस बे में हाई-एंड अपार्टमेंट
- SLS होटल एंड रेजिडेंस की संपत्तियां
- और दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा में स्थित फ्लैट
यह कार्रवाई इस मामले की गंभीरता और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैले नेटवर्क को दर्शाती है।
PMLA के तहत जारी हुआ आदेश
छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित ईडी कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत अंतरिम अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया। इसी के आधार पर इन महंगी संपत्तियों को जब्त किया गया।
सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल पर आरोप
इस केस में सौरभ चंद्राकर और उसके सहयोगी रवि उप्पल पर गंभीर आरोप हैं कि उन्होंने महादेव ऐप के जरिए लोगों को ठगा और अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क चलाया।
जांच एजेंसियों के मुताबिक:
- ऐप के जरिए यूजर्स को जोड़कर गैर-कानूनी बेटिंग प्लेटफॉर्म चलाए गए
- बड़े स्तर पर मनी लॉन्ड्रिंग की गई
- कई प्रभावशाली लोगों की कथित मिलीभगत की भी जांच जारी है
प्रत्यर्पण की कोशिश तेज
सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार दोनों आरोपियों के प्रत्यर्पण (Extradition) की प्रक्रिया पर काम कर रही है।
- सौरभ चंद्राकर के यूएई में होने की जानकारी
- रवि उप्पल के वानुअतु भागने की आशंका
यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रक्रिया तक पहुंच चुका है।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
जनवरी 2026 में भी ईडी ने इस केस में कार्रवाई करते हुए करीब ₹21.45 करोड़ की संपत्तियां जब्त की थीं। इसमें दुबई और भिलाई की प्रॉपर्टी शामिल थीं।
क्या है महादेव ऐप घोटाला?
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप एक ऐसा प्लेटफॉर्म बताया जा रहा है, जिसका इस्तेमाल अवैध सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया। इस ऐप के जरिए बड़े पैमाने पर लोगों से ठगी का आरोप है।