
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। संयुक्त कार्रवाई में वन विभाग की टीम ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तेंदुए की 2 खाल बरामद की है। इस कार्रवाई से वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है।
कैसे हुई कार्रवाई?
वन अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया।
इस संयुक्त टीम में शामिल थे—

- वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (मध्य क्षेत्र भोपाल)
- राज्य उड़नदस्ता रायपुर
- वनमंडल बलरामपुर
मुखबिर की सूचना पर बड़ा खुलासा
2 अप्रैल 2026 को मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर टीम ने बसंतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जमई मोड़ के पास घेराबंदी की।


👉 एक मोटरसाइकिल सवार दो संदिग्धों को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें उनके पास से तेंदुए की एक खाल बरामद हुई।
पूछताछ में खुला पूरा नेटवर्क
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस और वन विभाग ने अन्य आरोपियों को भी दबोच लिया।
👉 कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और उनके पास से एक और तेंदुआ खाल जब्त की गई।
अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा
जांच में सामने आया कि आरोपी—
- झारखंड
- उत्तर प्रदेश
- छत्तीसगढ़
के अलग-अलग जिलों के निवासी हैं और अंतरराज्यीय स्तर पर वन्यजीव तस्करी में सक्रिय थे।
सख्त कानूनी कार्रवाई
वन विभाग ने सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
👉 आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
वन्यजीव संरक्षण पर बड़ा संदेश
यह कार्रवाई वन्यजीवों के संरक्षण के लिए एक मजबूत कदम है।
तेंदुए जैसे दुर्लभ जीवों की अवैध तस्करी रोकने के लिए ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।
