नाइट एक्सप्रेस में कोच कम, भीड़ ज्यादा – रोजाना भारी वेटिंग
किरंदुल से विशाखापट्टनम जाने वाली नाइट एक्सप्रेस में इन दिनों यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। मौजूदा 12 बोगियां यात्रा मांग को पूरा नहीं कर पा रही हैं। चार जनरल, पांच स्लीपर, दो थर्ड एसी और एक सेकंड एसी को मिलाकर चल रही यह ट्रेन प्रतिदिन फुल वेटिंग में रहती है।
सुबह 4 बजे से लाइन – टिकट कन्फर्म होना मुश्किल
जगदलपुर और आसपास के यात्रियों को आरक्षित स्लीपर कोच के लिए तड़के 4 बजे से स्टेशन पहुंचना पड़ रहा है। इसके बावजूद टिकट कंफर्म होना कठिन हो गया है।
स्टेशन का रिज़र्वेशन काउंटर रोज़ चार घंटे खुलता है, लेकिन भारी भीड़ के कारण अधिकांश यात्रियों को टिकट नहीं मिल पा रहा है।
25 प्रमुख ट्रेनों से कनेक्टिविटी – नाइट एक्सप्रेस बनी हजारों यात्रियों की जीवनरेखा
विशाखापट्टनम पहुंचने के बाद इस रूट से देशभर की 25 बड़ी ट्रेनों तक सीधी कनेक्टिविटी मिलती है।
यही वजह है कि किरंदुल–विशाखापट्टनम नाइट एक्सप्रेस इस पूरे क्षेत्र के यात्रियों के लिए यात्रा की जीवनरेखा (Lifeline) बन चुकी है।
यात्रियों की मांग – कम से कम 16 कोच की जाए ट्रेन
स्थानीय यात्रियों और रोजाना यात्रा करने वालों ने मांग की है कि:
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बोगियों की संख्या 12 से बढ़ाकर कम से कम 16 की जाए
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विशेष रूप से स्लीपर कोच बढ़ाए जाएं
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भीड़ को ध्यान में रखते हुए जनरल कोच भी जोड़े जाएं
यात्रियों का कहना है कि बढ़ती जनसंख्या और ट्रेनों की सीमित संख्या के बीच कोच बढ़ाना यात्रा को सुगम बनाने के लिए अनिवार्य है।