JPL कोयला खदान विरोध प्रदर्शन हिंसक, महिला आरक्षक से बदसलूकी; वीडियो वायरल

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में JPL कोयला खदान के विरोध में चल रहा आंदोलन हिंसक रूप ले बैठा। प्रदर्शनकारियों ने एक महिला आरक्षक पर हमला कर उसके कपड़े फाड़ दिए। इस अमानवीय घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।

महिला आरक्षक को आधा किलोमीटर तक दौड़ाया

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ ने महिला आरक्षक को करीब आधा किलोमीटर तक दौड़ाया, खेत में गिराने के बाद उसके साथ अशोभनीय व्यवहार किया गया। वायरल वीडियो में महिला आरक्षक रोते हुए प्रदर्शनकारियों से “भाई, मुझे माफ कर दो, छोड़ दो” कहते हुए नजर आ रही है।

जनसुनवाई के विरोध से जुड़ा है मामला

यह घटना 8 दिसंबर 2025 को धौराभाठा में हुई जनसुनवाई के विरोध से जुड़ी है। JPL कोयला खदान सेक्टर-1 से प्रभावित 14 गांवों के ग्रामीण 12 दिसंबर से धरने पर बैठे थे।
27 दिसंबर की सुबह करीब 300 ग्रामीण लिबरा चौक पर जमा होकर सड़क जाम करने लगे।

प्रशासन के समझाने के बाद भी नहीं मानी भीड़

स्थिति बिगड़ने पर SDM, SDOP और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर धरनास्थल भेजा गया। कुछ समय के लिए शांति बनी रही, लेकिन दोपहर तक भीड़ करीब 1000 लोगों तक पहुंच गई।

बैरिकेड तोड़कर पुलिस पर हमला

करीब दोपहर 2:30 बजे अचानक हालात बेकाबू हो गए। भीड़ ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और पत्थर-डंडों से हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम सहित कई महिला व पुरुष पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पहले भी सामने आया महिला TI पर हमले का वीडियो

इससे पहले भी एक वीडियो सामने आया था, जिसमें महिला TI के साथ मारपीट करते हुए प्रदर्शनकारी दिखे थे। लगातार सामने आ रहे इन वीडियो ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थिति नियंत्रण में, आरोपियों पर कार्रवाई शुरू

जिला प्रशासन के मुताबिक, फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है। अतिरिक्त पुलिस बल और वन्य पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

प्रशासन की शांति बनाए रखने की अपील

प्रशासन ने ग्रामीणों से संयम और शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि संवाद और बातचीत के जरिए कोयला खदान से जुड़े विवाद का समाधान निकाला जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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