Israel US Iran War: ईरान ने इजरायल पर पहली बार दागी 'Sejjil Ballistic Missiles', जानें ये है कितनी खतरनाक?

Israel US Iran War: ईरान ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ युद्ध में पहली बार तेल-अवीव पर रविवार को “सेज्जिल बैलिस्टिक मिसाइल” से हमला किया है। इजरायल के खिलाफ ईरान ने इस मिसाइल का इस्तेमाल अब तक के युद्ध में पहली बार किया है। इज़रायल और अमेरिका के साथ युद्ध लड़ते हुए वैसे तो ईरान ने अपनी कई प्रकार की खतरनाक मिसाइलों से दुश्मनों के ठिकानों पर तबाही मचाई है, लेकिन सेज्जिल बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल पहली बार किया गया है। इससे तेल-अवीव में खलबली मच गई है। आइये जानते हैं कि यह मिसाइल कितनी खतरनाक है।

“सेज्जिल बैलिस्टिक मिसाइल” के अलावा खोर्रमशहर का भी किया इस्तेमाल

ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उन्होंने इजरायल पर हमले में “सेज्जिल बैलिस्टिक मिसाइल” के अलावा खोर्रमशहर (Khorramshahr) जो कि सुपर-हैवी मिसाइल है और 2 टन वारहेड के साथ दागी गई है। इसके अलावा खैबर शेकन, क़द्र और एमाद (Emad) मिसाइलें भी लॉन्च की गई।

ये हमले इज़रायल के सैन्य ठिकानों, एयर डिफेंस सिस्टम और शहरों को निशाना बनाने के लिए किए गए। इन हमलों के बाद तेल अवीव, बेयरशेबा और अन्य इलाकों में हवाई हमलों के सायरन बजने लगे। ईरान ने इन हमलों को “ट्रू प्रॉमिस” ऑपरेशन की विभिन्न वेव्स का हिस्सा बताया, जहां क्लस्टर वारहेड्स, मल्टी-वारहेड और हाई-स्पीड मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया।

आयरन डोम और अमेरिका के थाड एयर डिफेंस सिस्टम को दिया चकमा

ईरान के अनुसार इन मिसाइलों को रोकने के लिए इज़रायल ने मल्टी-लेयर्ड डिफेंस जैसे- आयरन डोम, डेविड्स स्लिंग, एरो 2/3 और , अमेरिकी THAAD व पैट्रियट का इस्तेमाल किया, लेकिन कई मिसाइलें घुसकर लक्ष्यों को भारी नुकसान पहुंचाने में सफल रहीं। इसमें इजरायल की हाई-राइज बिल्डिंग्स, सिविलियन एरिया और सैन्य साइट्स शामिल हैं। ईरान का दावा है कि इन हमलों से इज़रायली एयर डिफेंस को भारी क्षति पहुंची है और “आकाश अब उनके मिसाइलों के लिए खुला है”।

“सेज्जिल बैलिस्टिक मिसाइल” है कितनी खतरनाक?

  1. सेज्जिल ईरान की सबसे एडवांस्ड मीडियम-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM) है, जो दो-स्टेज सॉलिड-फ्यूल वाली है।
  2. इसकी रेंज 2,000 से 2,500 किमी तक है, जो इज़रायल के अलावा  यूरोप के भी कुछ हिस्सों तक आसानी से पहुंच सकती है।
  3. यह 500-1,500 किग्रा हाई-एक्सप्लोसिव, क्लस्टर या संभावित न्यूक्लियर कैपेबल वार हेड ले जाने में सक्षम है।
  4. इस मिसाइल का लॉन्च वेट लगभग 23,600 किग्रा, लंबाई 18 मीटर, व्यास 1.25 मीटर है।
  5. इसकी स्पीड मैक 4-5 है, जो इसे हाई-स्पीड और मैन्यूवरेबल बनाती है।
  6. यह सॉलिड-फ्यूल से चलती है, जिससे लॉन्च बहुत तेज होता है, स्टोरेज आसान और लिक्विड-फ्यूल मिसाइलों से ज्यादा सर्वाइवेबल है।
  7. यह इनर्शियल + GPS आधारित है, जो 50 मीटर से कम CEP (सर्कुलर एरर प्रोबेबल) की सटीकता से हमले करती है।
  8. यह रोड-मोबाइल ट्रांसपोर्टर-इरेक्टर-लॉन्चर (TEL) पर आसानी से छिपाई और लॉन्च की जा सकती है।
  9. यह मिसाइल खतरनाक इसलिए है क्योंकि सॉलिड-फ्यूल से लॉन्च टाइम बहुत कम होता है, दुश्मन को चेतावनी मिलने से पहले ही हमला हो जाता है।
  10. इसकी हाई स्पीड और मैन्यूवरेबिलिटी इज़रायल के एयर डिफेंस (जैसे एरो) को चैलेंज करती है।
  11. यदि इसमें परमाणु वारहेड लगा दिया जाए तो यह तबाही मचा सकती है।
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