इजरायल पर हमले में मिसाइलों के वारहेड में क्लस्टर बमों का इस्तेमाल कर रहा ईरान, IDF का सनसनीखेज दावा

येरुशलम [इज़रायल]: इज़रायल डिफेंस फोर्सेस (आईडीएफ) ने ईरान से छिड़ी जंग के बीच एक सनसनीखेज दावा किया है। इजरायल का कहना है कि ईरान द्वारा इज़रायल पर दागी जा रही बैलिस्टिक मिसाइलों में क्लस्टर बमों का वारहेड इस्तेमाल किया जा रहा है। इजरायल का कहना है कि तेल-अवीव पर अब तक ईरान की ओर से लगभग 300 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई हैं। आईडीएफ का आरोप है कि इनमें से कम से कम आधे में क्लस्टर बम वारहेड लगाया गया था। 

क्या होते हैं क्लस्टर बम

क्लस्टर बम वारहेड हवा में फटकर दर्जनों सब-म्यूनिशन्स (छोटे बम) फैलाते हैं, प्रत्येक में कई किलोग्राम विस्फोटक भरा होता है, जो लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में बेतरतीब ढंग से फैल जाते हैं। ये इलाके में बड़ी तबाही मचाते हैं। इन हथियारों का उपयोग 2008 के क्लस्टर म्यूनिशन्स कन्वेंशन के तहत प्रतिबंधित है, जिसके हस्ताक्षरकर्ताओं में इज़रायल, ईरान या अमेरिका शामिल नहीं हैं।

आईडीएफ ने कहा कि मंगलवार को अधिकांश मिसाइलों को रोक लिया गया, लेकिन एक बड़ी वारहेड वाली मिसाइल येरुशलम के पास बेइत शेमेश के बाहर खुले इलाके में फट गई। इसमें क्लस्टर बम का वारहेड इस्तेमाल किया गया था। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ।

ईरान के हमले में 12 इजरायलियों की मौत

अमेरिका-इज़रायल द्वारा ईरान पर बमबारी अभियान शुरू करने के बाद इस्लामिक राष्ट्र ने क्षेत्र भर में सैकड़ों मिसाइलों और ड्रोनों से जवाबी हमला किया है, जिसमें इज़रायल भी शामिल है। इज़राइली स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार इज़रायल में ईरान के हमलों से 12 लोगों की मौत हुई है और 2,000 से अधिक घायल हुए हैं।

इससे पहले इज़रायल डिफेंस फोर्सेस ने कहा था कि उन्होंने लेबनान में हिजबुल्लाह से संबद्ध अल-क़र्ड अल-हसन एसोसिएशन के संपत्तियों और भंडारण सुविधाओं पर अतिरिक्त हवाई हमलों की एक और लहर चलाई है, जो हथियार खरीदने और आतंकवादी वेतन के लिए फंडिंग के लिए इस्तेमाल होती हैं। यह हिजबुल्लाह की सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।

आईडीएफ ने मार गिराया हिजबुल्लाह का कमांडर 

आईडीएफ ने इस बीच लेबनान के ज्वाया क्षेत्र में हिजबुल्लाह के ‘नस्सर’ यूनिट के कमांडर हसन सलामेह को भी सटीक हमले में मार गिराने का ऐलान किया है। आईडीएफ के अनुसार यह हिजबुल्लाह कमांडर आतंकवादी संगठन में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहा था। आईडीएफ द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार इज़रायली डिफेंस फोर्सेस ने मंगलवार (स्थानीय समय) को तेहरान और तबरीज़ में संयुक्त हमला भी किया।

एक्स पर एक पोस्ट में आईडीएफ ने कहा कि तबरीज़ में एक स्पेशल यूनिट का कमांड सेंटर, तेहरान में “इमाम हसन” सुरक्षा यूनिट का सैन्य परिसर बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च और तोपखाने की आग के लिए जिम्मेदार सुरक्षा यूनिट का कमांड सेंटर, मरागेह प्रांत में इंटेलिजेंस और जनरल सिक्योरिटी पुलिस का कमांड सेंटर, और तबरीज़ में बसिज फोर्सेस का एक बड़ा परिसर भी निशाने में शामिल थे।

ईरान पूरे मिडिल ईस्ट पर कर रहा जवाबी हमले

ईरान के जवाबी हमलों में मिसाइलों और ड्रोनों से अमेरिकी सैन्य अड्डों, दूतावासों और पड़ोसी खाड़ी देशों (यूएई, सऊदी अरब, कतर, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन) में नागरिक/ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया है।  इस संघर्ष से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में भारी व्यवधान आया है, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास, जहां दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है।

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