छत्तीसगढ़ में अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया है कि मध्यप्रदेश से अवैध रूप से बनाए गए हथियार छत्तीसगढ़ लाकर बेचे जा रहे थे। खरीदारों को भरोसा दिलाने के लिए पिस्टल से फायरिंग का डेमो वीडियो दिखाया जाता था। इस मामले में पुलिस ने एक हिस्ट्रीशीटर और हथियार सप्लायर को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र से खुला मामला
पूरा मामला बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। पुलिस टीम ने 3 फरवरी को मिनी बस्ती निवासी आदतन बदमाश स्वराज कुर्रे के घर छापेमारी की। तलाशी के दौरान उसके मोबाइल में पिस्टल से फायरिंग का वीडियो मिला, जिसे वह हथियार बेचने से पहले डेमो के तौर पर ग्राहकों को दिखाता था। वीडियो देखकर खरीदार को हथियार की क्षमता समझाई जाती थी, इसके बाद सौदा फाइनल किया जाता था।
छापे में पिस्टल, कारतूस और नशीली गोलियां जब्त
रेड के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में अवैध सामग्री बरामद की:
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2 पिस्टल
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4 मैगजीन
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20 जिंदा कारतूस
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1100 प्रतिबंधित नशीले टैबलेट
बरामदगी के बाद आरोपी से सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।
पूछताछ में खुलासा: मध्यप्रदेश से आता था हथियार
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि हथियारों की सप्लाई मध्यप्रदेश से होती थी। उसने भोपाल निवासी सप्लायर धीरेंद्र सिंह तोमर का नाम बताया और बड़वानी जिले में चल रही अवैध हथियार निर्माण यूनिट की जानकारी दी। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम मध्यप्रदेश रवाना की गई।
जंगल के भीतर चल रही थी अवैध हथियार फैक्ट्री
जांच टीम ने बड़वानी जिले के जंगल क्षेत्र में करीब 20 किलोमीटर अंदर संचालित अवैध हथियार निर्माण फैक्ट्री का पता लगाया। यहां छोटे हथियार और पिस्टल तैयार किए जा रहे थे, जिन्हें अलग-अलग राज्यों में सप्लाई किया जाता था। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले फैक्ट्री का सरगना मौके से फरार हो गया।
भोपाल से हथियार सप्लायर गिरफ्तार
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भोपाल के अवैधपुरी इलाके की आईडियल सिटी से सप्लायर धीरेंद्र सिंह तोमर को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बड़वानी में हथियार निर्माण और छत्तीसगढ़ में सप्लाई नेटवर्क की पुष्टि की है। फिलहाल पुलिस गिरोह के फरार मास्टरमाइंड और अन्य जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि आगे की जांच में अंतरराज्यीय अवैध हथियार नेटवर्क का बड़ा खुलासा हो सकता है।