हर इंसान को अपना देश पसंद होता है. पर जब वो किसी ऐसे देश में जाता है जहां की व्यवस्था अपने देश से बेहतर हो, तब उसे समझ आता कि अपना देश किन मामलों में पिछड़ रहा है. ऐसा ही कुछ एक शख्स के साथ भी हुआ जो भारत से बाहर गया और जब छुट्टियों पर लौटा तो उसे ऐसी चीजें देखने-समझने को मिलीं कि उसे एहसास हुआ कि भारत में क्या-क्या दिक्कतें हैं.
सालों तक भारत की हर आलोचना का बचाव करने वाले एक प्रवासी युवक का नजरिया तब बदल गया, जब वह लंबे समय बाद छुट्टियों पर देश लौटा. सोशल मीडिया पर लिखे गए उसके पोस्ट में उसने भारत की जमीनी सच्चाई को लेकर अपनी पीड़ा जाहिर की है. युवक के अनुसार, विदेश में रहने के बाद भारत लौटने पर कई ऐसी चीज़ें सामने आईं, जिन्होंने उसे भीतर तक हिला दिया.
युवक ने बताया कि केरला के कोल्लम बीच पर उसे एक सार्वजनिक शौचालय खोजने में 20 मिनट लग गए. जब वह मिला, तो हालत इतनी खराब थी कि उपयोग करने लायक भी नहीं था. उसने लिखा कि “हम विकास, साक्षरता और स्मार्ट इंडिया की बात करते हैं, लेकिन एक साफ़-सुथरा सार्वजनिक शौचालय तक उपलब्ध नहीं करा पाते.”
पोस्ट में युवक ने अपनी पत्नी के साथ हुए अनुभव का जिक्र करते हुए लिखा कि उसे हर जगह लोग बस घूरते रहे, पुरुष और महिलाएं, दोनों. उसका कहना है कि पत्नी खुद को असहज महसूस करने लगी और यह स्थिति उसे एक पति होने के नाते बेहद तोड़ देने वाली लगी.
दिल्ली पहुंचते ही वो और उसकी पत्नी खुद को बीमार महसूस करने लगे. एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही हवा में भारीपन और पीला धुआं महसूस हुआ. उसने लिखा, “यहां प्रदूषण की खबर नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की सच्चाई बन चुकी है. लोग इसे सामान्य मानकर जी रहे हैं, यह सबसे डरावनी बात है.”
महंगाई ने तोड़ी कमाई की ताकत
युवक ने लिखा कि भारत में लौटकर सबसे बड़ा झटका महंगाई ने दिया. उसके अनुसार, ₹500 अब ₹100 के बराबर लगता है. पेट्रोल करीब ₹100 लीटर हो चुका है. खाने, किराए, शिक्षा, इलाज आदि की कीमतें आसमान छू रही हैं. उसने सवाल किया कि “मध्यवर्ग आखिर इस सबके बीच मानसिक रूप से कैसे टिक रहा है?” युवक ने कहा कि ट्रैफिक में धैर्य नहीं, केवल हॉर्न और अहंकार दिखता है.
लोग कूड़ा कूड़ेदान के पास ही फेंक देते हैं. उसने बताया कि वह अपना कचरा एक बैग में इकट्ठा कर रहा था ताकि सही जगह डाल सके, लेकिन उसे ही लोग अजीब नज़रों से देख रहे थे. उसने लिखा- “भारतीय समाज में अब सही काम करना असामान्य माना जाने लगा है.” पोस्ट के अंत में युवक ने कहा कि वह भारत को आज भी प्यार करता है, लेकिन यह यात्रा उसके लिए भावनात्मक रूप से बहुत भारी रही.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा पोस्ट
“हमने अव्यवस्था को सामान्य जीवन मान लिया है. लोग कहते हैं अगर पसंद नहीं, तो देश छोड़ दो लेकिन करोड़ों लोगों के पास जाने का विकल्प ही नहीं है. मेरा सवाल बस इतना है- लोग रोज़ इस भावनात्मक दबाव को कैसे झेल रहे हैं?”