
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में हनीट्रैप के जरिए रची गई अपहरण की एक सनसनीखेज साजिश का पुलिस ने महज कुछ ही घंटों में खुलासा कर दिया। इस मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे षड्यंत्र का मुख्य सूत्रधार पीड़ित परिवार का ही सगा भांजा निकला।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत 12 अप्रैल 2026 को हुई, जब अमलेश्वर निवासी एक व्यक्ति ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि उसके नाबालिग पुत्र को मोटरसाइकिल बनवाने के बहाने तिरंगा चौक बुलाया गया, जहां से अज्ञात व्यक्तियों ने उसका अपहरण कर लिया।

अपहरण के बाद आरोपियों ने परिजनों को फोन कर धमकी देना शुरू कर दिया, जिससे परिवार में दहशत फैल गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल एक संयुक्त टीम गठित की गई, जिसमें अमलेश्वर पुलिस, साइबर सेल और एसीसीयू (ACCU) को शामिल किया गया।


जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन की मदद ली, जिससे आरोपियों के धमतरी जिले में होने की जानकारी मिली। इसके बाद दुर्ग पुलिस ने धमतरी पुलिस से संपर्क कर संयुक्त कार्रवाई की और घेराबंदी कर दबिश दी। इस ऑपरेशन के दौरान अपहृत बालक को सकुशल बरामद कर लिया गया और मौके से पांच आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया।
पूछताछ में जो खुलासा हुआ, उसने सभी को हैरान कर दिया। पुलिस के अनुसार, इस पूरे अपहरण की साजिश का मास्टरमाइंड पीड़ित परिवार का ही भांजा संजय साहू था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर आर्थिक लाभ और फिरौती वसूलने के उद्देश्य से यह योजना बनाई थी।
आरोपियों ने एक महिला आरोपी हेम पुष्पा साहू के माध्यम से ‘हनीट्रैप’ का जाल बुना। इसी जाल में फंसाकर बालक को सुनसान स्थान पर बुलाया गया और फिर कार में बैठाकर उसका अपहरण कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि यह पूरी साजिश बेहद सुनियोजित तरीके से रची गई थी, लेकिन त्वरित कार्रवाई के चलते समय रहते इसे विफल कर दिया गया।
