
क्या है पूरा मामला?
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने आईपीएल के दौरान संचालित हो रहे हाईटेक सट्टा गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। आरोपी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को जोड़कर बड़े स्तर पर सट्टा संचालित कर रहा था।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
जामुल थाना पुलिस और एसीसीयू टीम ने पहले 5 अप्रैल को ग्राम खेदामारा नहर के पास दबिश देकर 3 सटोरियों को रंगे हाथों पकड़ा था।
पूछताछ में सामने आया कि ये सभी आरोपी ‘BETBHAI 9’ नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टा खेला रहे थे।

मास्टरमाइंड की पहचान और गिरफ्तारी
पूछताछ में खुलासा हुआ कि पूरे नेटवर्क का संचालन मनिंदर सिंह (36 वर्ष) कर रहा था, जो आरोपियों को सट्टा एप और आईडी उपलब्ध कराता था।
इसके बाद पुलिस ने उसके घर पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।


घर से क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपी के घर से भारी मात्रा में अवैध सामग्री जब्त की:
- 4 किलो 650 ग्राम गांजा
- 35 बोतल प्रीमियम अंग्रेजी शराब
- 2 मोबाइल फोन
- बैंक पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड
किन धाराओं में मामला दर्ज?
आरोपी के खिलाफ:
- NDPS एक्ट की धारा 20(ख)
- आबकारी अधिनियम की धारा 34(2)
- साथ ही ऑनलाइन सट्टा प्रकरण में भी उसकी भूमिका जोड़ी गई है
कैसे चलता था सट्टा नेटवर्क?
जांच में सामने आया कि आरोपी:
- ऑनलाइन ऐप और लिंक के जरिए लोगों को जोड़ता था
- युवाओं को सट्टा खेलने के लिए प्रेरित करता था
- बैंकिंग चैनलों के माध्यम से पैसों का लेनदेन करता था
- इस तरह उसने एक बड़ा अवैध नेटवर्क तैयार कर लिया था
आगे की जांच जारी
पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
