सोने और चांदी की वायदा कीमत में बुधवार को गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में सुबह 10:08 बजे 2 अप्रैल की डिलीवरी अनुबंध के लिए सोने की कीमत बीते सत्र के मुकाबले 0.26 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,62,886 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। इसी समय, 5 मई की डिलीवरी अनुबंध के लिए चांदी की कीमत में बीते सत्र के मुकाबले 0.59 प्रतिशत की गिरावट आई और कीमत 2,76,217 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।
महानगरों में सोने का हाजिर भाव
आज दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और बैंगलोर में सोने के दामों में हल्की भिन्नता देखी जा रही है। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के भाव इस प्रकार हैं:
दिल्ली
- 24 कैरेट (99.9% शुद्धता): ₹16,346 प्रति ग्राम
- 22 कैरेट (91.6% शुद्धता): ₹14,985 प्रति ग्राम
- 18 कैरेट (75% शुद्धता): ₹12,263 प्रति ग्राम
मुंबई
- 24 कैरेट: ₹16,331 प्रति ग्राम
- 22 कैरेट: ₹14,970 प्रति ग्राम
- 18 कैरेट: ₹12,248 प्रति ग्राम
कोलकाता
- 24 कैरेट: ₹16,331 प्रति ग्राम
- 22 कैरेट: ₹14,970 प्रति ग्राम
- 18 कैरेट: ₹12,248 प्रति ग्राम
चेन्नई
- 24 कैरेट: ₹16,495 प्रति ग्राम
- 22 कैरेट: ₹15,120 प्रति ग्राम
- 18 कैरेट: ₹12,950 प्रति ग्राम
बैंगलुरु
- 24 कैरेट: ₹16,331 प्रति ग्राम
- 22 कैरेट: ₹14,970 प्रति ग्राम
- 18 कैरेट: ₹12,248 प्रति ग्राम
चांदी और सोने के ETF में तेजी
आज सुबह के कारोबार में चांदी के ETF सबसे ज़्यादा फ़ायदे में रहे।
चांदी ETF
DSP Silver ETF और Axis Silver ETF लगभग 4% बढ़ रहे हैं।
HDFC Silver ETF, Mirae Asset Silver ETF और Tata Silver ETF 3% से ज़्यादा बढ़त के साथ बंद हुए।
सोने ETF
LIC MF Gold ETF में करीब 1.16% की तेज़ी रही।
Union Gold ETF, Axis Gold ETF, HDFC Gold ETF और Tata Gold ETF 0.5% से 0.9% तक बढ़ रहे हैं।
ग्लोबल मार्केट में सोना चढ़ा
बुधवार को सोने की कीमत में बढ़त जारी रही और यह लगभग 5,210 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। पिछली कारोबारी सत्र की तेजी को आगे बढ़ाते हुए निवेशक मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के चलते सतर्क बने रहे। पेंटागन ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर अब तक के सबसे तीव्र हमले किए हैं और यह कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक इस्लामिक गणराज्य पर विजय नहीं मिलती। इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों ने संकेत दिया था कि संघर्ष जल्द खत्म हो सकता है, लेकिन पेंटागन के कड़े रुख ने बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी।