
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद बैंकों ने भी ब्याज दरों में इजाफा शुरू कर दिया है. लोन पर ब्याज दर बढ़ने के अलावा बैंक जमा पर भी ब्याज दरों में इजाफा होने लगा है. इस बीच मुंबई बेस्ड प्राइवेट सेक्टर के डीसीबी बैंक (DCB Bank) ने अपनी डीसीबी सुरक्षा फिक्स्ड डिपॉजिट (DCB Suraksha Fixed Deposit) को फिर से लॉन्च किया है. यह 3 साल की स्पेशल एफडी स्कीम है. यह स्कीम डिपॉजिटर्स के साथ-साथ उनके आश्रितों या प्रियजनों के लिए सेविंग्स और सेफ्टी ऑफर करती है.
डीसीबी बैंक सुरक्षा फिक्स्ड डिपॉजिट –
डीसीबी सुरक्षा एफडी की 2 खासियतें हैं- अगर सुरक्षा एफडी की वैल्यू 10 लाख रुपये से अधिक है तो 10 लाख रुपये तक का फ्री लाइफ इंश्योरेंस कवरेज भी मिलता है. इसके अलावा यह 3 साल की डिपॉजिट पर 7.10 फीसदी सालाना की उच्च ब्याज दर प्रदान करता है. डीसीबी सुरक्षा एफडी में ग्राहक द्वारा इंश्योरेंस प्रीमियम का भुगतान नहीं किया जाता है. लाइफ इंश्योरेंस कवरेज का लाभ उठाने के लिए मेडिकल जांच की कोई आवश्यकता नहीं है.

डीसीबी बैंक सुरक्षा एफडी की मुख्य विशेषताएं –
1. डीसीबी बैंक सुरक्षा एफडी पर आकर्षक ब्याज दर.
2. डीसीबी सुरक्षा एफडी 36 महीने की अवधि के साथ लाइफ इंश्योरेंस कवर प्रदान करता है.
3. प्राथमिक आवेदक के नाम पर सभी डीसीबी सुरक्षा फिक्स्ड डिपॉजिट्स में अधिकतम 10 लाख रुपये तक का लाइफ इंश्योरेंस कवर
4. इंश्योरेंस कवर 18 वर्ष की आयु से डिपॉजिटर के 55 वर्ष के होने तक वैध है
RBI ने रेपो रेट 0.5 फीसदी बढ़ाकर 5.9 फीसदी की –
हाल ही में आरबीआई ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट 0.5 फीसदी बढ़ाकर 5.9 फीसदी कर दी. यह इसका 3 साल का उच्चस्तर है. खुदरा महंगाई को काबू में लाने और विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों के ब्याज दर में आक्रामक वृद्धि से उत्पन्न दबाव से निपटने के लिए आरबीआई ने यह कदम उठाया है. इससे पहले, मई में 0.40 फीसदी वृद्धि के बाद जून और अगस्त में 0.50-0.50 फीसदी की वृद्धि की गई थी. कुल मिलाकर मई से अब तक आरबीआई रेपो रेट में 1.90 फीसदी की वृद्धि कर चुका है.
फिक्स्ड डिपॉजिट की दरों को बढ़ा चुके हैं कई बैंक –
बता दें कि हाल ही में आरबीएल बैंक, एक्सिस बैंक, सीएसबी बैंक लिमिटेड, कोटक महिंद्रा बैंक, केनरा बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक आदि भी अपनी-अपनी एफडी दरों को बढ़ा चुके हैं. दरों में बढ़ोतरी का ये सिलसिला आरबीआई के द्वारा रेपो रेट्स में बढ़ोतरी के बाद शुरू हुआ है.
