त्रिपोली। लीबिया के पूर्व तानाशाह कर्नल मुअम्मर गद्दाफी के बेटे और संभावित राजनीतिक उत्तराधिकारी सैफ-अल-इस्लाम गद्दाफी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 3 फरवरी 2026 को पश्चिमी लीबिया के जिंतान शहर में उनके आवास पर अज्ञात हमलावरों ने यह जानलेवा हमला किया। जिंतान शहर राजधानी त्रिपोली से करीब 136 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है।
कौन था सैफ-अल-इस्लाम गद्दाफी?
53 वर्षीय सैफ-अल-इस्लाम गद्दाफी, कर्नल मुअम्मर गद्दाफी के सात बेटों में सबसे प्रभावशाली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाने वाला नाम था।
-
कर्नल गद्दाफी के शासन (1969–2011) के दौरान वह प्रमुख राजनीतिक चेहरा रहा
-
लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) से पीएचडी
-
पश्चिमी देशों के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिशों में सक्रिय भूमिका
-
2011 की लीबियाई क्रांति में पिता की सरकार का खुलकर समर्थन
गद्दाफी की मौत के बाद सैफ-अल-इस्लाम को लंबे समय तक लीबिया के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता रहा।
क्रांति के बाद गिरफ्तारी, मौत की सजा और राजनीतिक वापसी की कोशिश
लीबियाई क्रांति के बाद—
-
2011 में सैफ-अल-इस्लाम को गिरफ्तार किया गया
-
2015 में अदालत ने अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई
-
बाद में कानूनी प्रक्रिया के तहत वह बरी हुआ
-
2021 में राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की कोशिश, लेकिन सुरक्षा और कानूनी अड़चनों के चलते नाकाम रहा
बीते एक दशक से वह जिंतान में रहकर लीबियाई राजनीति में वापसी की कोशिश कर रहा था।
कैसे हुआ सैफ-अल-इस्लाम पर हमला?
सैफ-अल-इस्लाम की राजनीतिक टीम के सदस्य और सलाहकार अब्दुल्लाह उस्मान अब्दुर्रहीम ने फेसबुक पोस्ट के जरिए हत्या की पुष्टि की।
जानकारी के अनुसार—
-
मास्क पहने 4 हथियारबंद हमलावर दोपहर में घर में दाखिल हुए
-
पहले सुरक्षा कैमरे तोड़े
-
फिर सैफ-अल-इस्लाम पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं
-
उन्होंने हमलावरों का सामना करने की कोशिश की, लेकिन मौके पर ही मौत हो गई
टीम ने इस हमले को “कायराना और विश्वासघाती हत्या” बताया है।
जांच शुरू, हमलावरों और मकसद पर सस्पेंस बरकरार
लीबिया के अटॉर्नी जनरल कार्यालय ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
हालांकि—
-
हमलावरों की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं
-
हत्या के पीछे राजनीतिक साजिश की आशंका
-
कुछ रिपोर्टों में इसे पूर्व नियोजित हमला बताया जा रहा है
इस हत्या के बाद लीबिया की पहले से अस्थिर राजनीति में नई उथल-पुथल मानी जा रही है।