दुर्ग अफीम कांड: कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी और सर्वेयर को नोटिस, चौथा आरोपी जोधपुर से गिरफ्तार...

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सामने आए अवैध अफीम खेती मामले में जांच तेज हो गई है। इस हाई-प्रोफाइल केस में प्रशासन ने कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी और सर्वेयर को नोटिस जारी किया है। वहीं पुलिस ने मामले में चौथे आरोपी को राजस्थान के जोधपुर से गिरफ्तार किया है।

1. राजस्थान से मंगाए गए थे अफीम के बीज

पुलिस जांच में सामने आया है कि अफीम की खेती के लिए बीज राजस्थान से मंगाए गए थे। जांच के दौरान पता चला कि छोटू राम नाम का व्यक्ति आरोपियों को अफीम के बीज उपलब्ध कराता था।

पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 12 मार्च को उसे राजस्थान के जोधपुर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लंबे समय से पुलिस की नजर में था और छिपकर रह रहा था।

2. पहले ही तीन आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस पहले ही तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें शामिल हैं:

  • विनायक ताम्रकर – बीजेपी नेता, निवासी तेमरापारा दुर्ग

  • विकास बिश्नोई – निवासी मतोड़ा, जिला जोधपुर (राजस्थान)

  • मनीष उर्फ गोलू ठाकुर – निवासी समोदा

इन तीनों आरोपियों को 7 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। घटना के बाद कुछ आरोपी राजस्थान भाग गए थे और मोबाइल फोन बंद कर छिपे हुए थे, जिससे पुलिस को चौथे आरोपी तक पहुंचने में समय लगा।

3. एक आरोपी अब भी फरार

पुलिस के अनुसार इस पूरे नेटवर्क में शामिल एक आरोपी अभी भी फरार है। उसकी तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि इस अवैध खेती के पीछे बड़ा नेटवर्क हो सकता है, इसलिए सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है।

4. खेतों में मक्का के बीच छिपाकर उगाई जा रही थी अफीम

यह मामला पुलगांव थाना क्षेत्र की जेवरा-सिरसा चौकी के अंतर्गत आने वाले समोदा, झेनझरी और सिरसा गांव के खेतों से जुड़ा है।

6 मार्च को गांव के सरपंच ने पुलिस को सूचना दी थी कि खेतों में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

जांच में पाया गया कि मक्का और भुट्टा की फसल के बीच अफीम के पौधे लगाए गए थे, ताकि किसी को शक न हो।

5. 5 एकड़ से ज्यादा जमीन में मिली अफीम की फसल

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन में उगी अफीम की फसल जब्त की।

प्राथमिक अनुमान के मुताबिक जब्त की गई फसल की बाजार कीमत लगभग 8 करोड़ रुपए बताई जा रही है। यह छत्तीसगढ़ में सामने आए बड़े अवैध अफीम मामलों में से एक माना जा रहा है।

6. आरोपियों को फिर कोर्ट में किया जा सकता है पेश

विनायक ताम्रकर, विकास बिश्नोई और मनीष ठाकुर की न्यायिक रिमांड आज समाप्त हो रही है। ऐसे में पुलिस आज शाम या कल तीनों आरोपियों को फिर से कोर्ट में पेश कर सकती है।

सूत्रों के मुताबिक केस की कड़ियां जोड़ने के लिए विनायक ताम्रकर की पुलिस कस्टडी जरूरी मानी जा रही है।

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