सऊदी अरब और चीन के बीच राजनयिक और आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। रविवार को दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई, जिसमें क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों में सहयोग और आपसी संवाद को बढ़ाने पर सहमति बनी। चीन के विदेश मंत्री वांग यी सऊदी अरब पहुंचे और उन्होंने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से मुलाकात की। बैठक में दोनों देशों ने वीजा नियमों में छूट पर भी डील साइन की।
वीजा नियमों में छूट
बैठक के दौरान दोनों देशों ने राजनयिक और विशेष पासपोर्ट धारकों के लिए आपसी वीजा छूट पर सहमति जताई। इससे व्यापार, निवेश, ऊर्जा और नई तकनीकों के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
साथ ही दोनों देशों ने ऊर्जा, निवेश और हरित परिवर्तन (ग्रीन ट्रांजिशन) के क्षेत्रों में साझेदारी को बढ़ाने पर भी जोर दिया।
आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग
बैठक में दोनों पक्षों ने सऊदी-चीन संबंधों के स्तर की सराहना की और सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की रणनीति बनाई। वांग यी इस समय मिडिल ईस्ट के 3 देशों का दौरा कर रहे हैं, जिसकी शुरुआत संयुक्त अरब अमीरात से हुई और यह यात्रा जॉर्डन में समाप्त होगी।
सऊदी-ईरान संबंधों पर चीन का समर्थन
बैठक के दौरान चीन ने सऊदी अरब और ईरान के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए अपना समर्थन जताया। साथ ही दोनों देशों ने फिलिस्तीनी मुद्दे का समाधान और स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य के गठन के लिए अपने समर्थन की भी पुष्टि की।
चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सऊदी अरब मिडिल ईस्ट कूटनीति में चीन के लिए एक प्राथमिक और अहम साझेदार है।
सार
-
सऊदी और चीन ने वीजा नियमों में छूट पर सहमति जताई।
-
ऊर्जा, निवेश और हरित परिवर्तन में सहयोग बढ़ाने पर फोकस।
-
चीन ने सऊदी-ईरान संबंधों और फिलिस्तीनी मुद्दे में समर्थन दिया।