
रायपुर: छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से नई आबकारी नीति लागू हो चुकी है, जिसके तहत शराब के दाम सस्ते हो गए हैं। इस नीति को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने इस फैसले पर भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए सोशल मीडिया पर तंज कसा।
कांग्रेस का BJP पर तंज: “सस्ती शराब, महंगा राशन”
कांग्रेस ने एक कार्टून पोस्टर जारी कर सरकार पर निशाना साधा, जिसमें लिखा था:
– “सस्ती हो रही शराब, महंगा हो रहा राशन, नशे में भूल जाओ रोजगार, ये है भाजपा का सुशासन!”

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार नए शराब दुकानें खोलने के लिए दबाव बना रही है। उन्होंने कहा:
– “66 नई शराब दुकानें खोली जा रही हैं। एक ही विधानसभा क्षेत्र में 8 शराब दुकानें हैं।”
– “सरपंचों पर भी दबाव डाला जा रहा है कि पुराने आदेशों में संशोधन कर शराब दुकान खोलने की अनुमति दें।”
“मनपसंद एप” के जरिए शराब की बिक्री पर बघेल का हमला!
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि “मनपसंद एप” के जरिए शराब की बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश में अवैध शराब का नया धंधा फल-फूल रहा है।
बघेल ने आरोप लगाया:
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मध्यप्रदेश में बनी शराब की बोतलों पर छत्तीसगढ़ का लेबल लगाकर अवैध तरीके से बेचा जा रहा है।
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इससे राज्य के राजस्व को बड़ा नुकसान हो रहा है।
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सरकार को बताना चाहिए कि क्या इसके लिए दोनों राज्यों के बीच कोई अवैध समझौता (MoU) हुआ है?
उन्होंने तंज कसते हुए कहा:
“होलोग्राम बदल रहा सांय-सांय, स्टीकर बदल रहा सांय-सांय, अवैध शराब का धंधा सांय-सांय, ‘तस्करी का सुशासन’ सांय-सांय।”
BJP का पलटवार: “21 सौ करोड़ के शराब घोटाले पर कांग्रेस चुप क्यों?”
कांग्रेस के हमलों के बाद छत्तीसगढ़ के डिप्टी CM अरुण साव ने जवाबी हमला बोला।
– “सरकार ने यह फैसला प्रशासनिक स्तर पर लिया है, जिससे शराब की तस्करी रोकी जा सके।”
– “घर-घर शराब पहुंचाने वाले, 2100 करोड़ का शराब घोटाला करने वाले और क्रिमिनल सिंडिकेट बनाकर काम करने वाले कांग्रेस नेताओं को ऐसी बातें शोभा नहीं देतीं।”
नई आबकारी नीति पर सियासत जारी!
इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। अब देखना होगा कि नई आबकारी नीति पर सरकार क्या ठोस कदम उठाती है और कांग्रेस किस तरह विरोध जारी रखती है।
