रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व आबकारी आयुक्त आईएएस निरंजन दास समेत 30 आबकारी अधिकारियों की करोड़ों की संपत्ति कुर्क कर ली है। ED ने कुल ₹38.21 करोड़ की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है।
78 अचल संपत्तियां और 197 चल संपत्तियां जब्त
ED की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियों में कुल 78 अचल संपत्तियां शामिल हैं। इनमें
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आलीशान बंगले
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प्रीमियम हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के फ्लैट
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व्यावसायिक दुकानें
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और बड़ी मात्रा में कृषि भूमि
शामिल है। इसके अलावा 197 चल संपत्तियां भी जब्त की गई हैं, जो जांच के दायरे में पाई गईं।
₹2800 करोड़ से ज्यादा का नुकसान, जांच जारी
ED का दावा है कि इस शराब घोटाले से छत्तीसगढ़ राज्य के खजाने को ₹2,800 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यह आंकड़ा आगे होने वाले खुलासों के आधार पर बढ़ भी सकता है।
PMLA 2002 के तहत हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है। ED के रायपुर आंचलिक कार्यालय ने बताया कि यह कदम छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की चल रही जांच का हिस्सा है, जिसमें कई बड़े अधिकारी और नेटवर्क पहले से रडार पर हैं।
शराब घोटाले में बढ़ सकती हैं और गिरफ्तारियां
सूत्रों के मुताबिक, ED की जांच में और बड़े नाम सामने आने की संभावना है। आने वाले दिनों में पूछताछ, संपत्ति कुर्की और गिरफ्तारी की कार्रवाई और तेज हो सकती है। यह मामला राज्य की राजनीति और प्रशासनिक तंत्र में हलचल मचाए हुए है।