
छत्तीसगढ़ में व्यापारियों के सबसे बड़े संगठन “चेंबर ऑफ कॉमर्स” के त्रैवार्षिक चुनाव को लेकर घमासान मचा हुआ है। निवर्तमान अध्यक्ष अमर पारवानी और पूर्व अध्यक्ष श्रीचंद्र सुंदरानी के बीच सीधी टक्कर देखी जा रही है। दोनों पक्ष संगठन पर नियंत्रण पाने की पूरी रणनीति के साथ मैदान में हैं।
भाजपा की चुनावी जीत के बाद चेंबर में भी सियासी गर्मी
राज्य में भाजपा की लोकसभा, विधानसभा और नगरीय निकाय चुनावों में जीत के बाद व्यापारी वर्ग में भी पार्टी के प्रति रुझान बढ़ा है। यही वजह है कि इस बार चेंबर चुनाव में भाजपा समर्थित व्यापारी संगठन की मोर्चाबंदी बेहद मजबूत दिख रही है।

रायगढ़, अंबिकापुर और महासमुंद में चुनाव पर टिकी निगाहें
प्रदेश के ज्यादातर जिलों में सहमति बन चुकी है, लेकिन रायगढ़, अंबिकापुर और महासमुंद में दोनों गुट आमने-सामने हैं। यहां चुनाव की तारीख तय होते ही पूरे प्रदेश में चेंबर की नई कार्यकारिणी का रास्ता साफ हो जाएगा।
सतीश थरानी को लेकर बन चुकी है आम सहमति, अब सिर्फ घोषणा बाकी
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार सतीश थरानी को नए अध्यक्ष के रूप में सर्वसम्मति से चुना जा चुका है। अब केवल औपचारिक घोषणा शेष है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर सब कुछ योजना अनुसार चलता रहा तो 20 अप्रैल को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय चेंबर के नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिला सकते हैं।
गोपनीय बैठकों और समर्थन जुटाने में जुटे प्रत्याशी
दोनों गुट व्यापारियों को लुभावने वादों के जरिए अपनी ओर खींचने में लगे हुए हैं। मतदाताओं के घर-घर दस्तक देकर समर्थन जुटाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। चुनाव बेहद प्रतिष्ठापूर्ण माना जा रहा है और इस बार मुकाबला बेहद कड़ा माना जा रहा है।
सामाजिक नियुक्तियों में भी हलचल: सिंधी साहित्य अकादमी और हज कमेटी को लेकर चर्चाएं तेज
चेंबर चुनाव के साथ ही सिंधी साहित्य अकादमी और हज कमेटी जैसी सामाजिक संस्थाओं में मनोनयन को लेकर भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
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सिंधी साहित्य अकादमी के लिए प्रमुख दावेदारों में पूर्व विधायक श्रीचंद्र सुंदरानी और भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी के नाम सामने आ रहे हैं।
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वहीं हज कमेटी को लेकर भी जल्द बड़ा निर्णय लिए जाने की संभावना है।
